PATNA: बिहार के एक बड़े हिस्से के लोगों के लिए भरी राहत भरी खबर है। पटना से सासाराम तक का लंबा और थकाऊ सफर अब जल्द ही आसान होने वाला है। सरकार ने पटना-भोजपुर-सासाराम फोरलेन सड़क परियोजना को आगे बढ़ा दिया है और अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो आने वाले कुछ महीनों में इसका निर्माण शुरू हो जाएगा।


ओमान की कंपनी से हुआ एग्रीमेंट 

दरअसल, इस प्रोजेक्ट के लिए ओमान की कंपनी गल्फर इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन के साथ एग्रीमेंट हो चुका है। अब कंपनी बैंक से फंड लेने की प्रक्रिया में लगी है, जिसमें करीब चार महीने का समय लगेगा। इसके बाद सितंबर से सड़क निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।


120 किमी का सफर, समय आधा होगा

यह सड़क करीब 120 किलोमीटर लंबी होगी, जो पटना से शुरू होकर भोजपुर (आरा) होते हुए सासाराम तक जाएगी। अभी जहां यह दूरी तय करने में करीब 4 घंटे लगते हैं, वहीं इस सड़क के बनने के बाद लोग सिर्फ 2 घंटे में सफर पूरा कर सकेंगे। यानी न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि पेट्रोल-डीजल का खर्च भी कम होगा।


दो हिस्सों में बनेगी सड़क

इस पूरी परियोजना को दो चरणों में बनाया जाएगा। पहले चरण में पटना से आरा तक करीब 46 किमी सड़क बनेगी दूसरे चरण में आरा से सासाराम तक 74 किमी सड़क तैयार होगी। इससे आसपास के कई इलाकों में आवाजाही पहले से काफी आसान हो जाएगी।


देरी हुई, लेकिन अब काम पटरी पर

इस प्रोजेक्ट का चयन तो करीब 6 महीने पहले ही हो गया था, लेकिन विदेश से मंजूरी मिलने में देरी की वजह से काम शुरू नहीं हो पाया। अगर सब समय पर होता, तो अब तक निर्माण शुरू हो चुका होता। पहले इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब उम्मीद है कि 2029 तक यह सड़क बनकर तैयार होगी।


सुरक्षित और स्मार्ट होगी सड़क

यह सड़क सामान्य हाईवे जैसी नहीं होगी, बल्कि एक्सेस-कंट्रोल डिजाइन पर बनेगी। मतलब, हर जगह से एंट्री-एग्जिट नहीं होगा—सिर्फ तय पॉइंट्स से ही गाड़ियां चढ़ेंगी और उतरेंगी। इससे सड़क पर भीड़ कम होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी घटेगी।


किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा पटना, भोजपुर, अरवल, रोहतास और सासाराम के लोगों को मिलेगा ।इसके अलावा पीरो, नोबतपुर, सहार, हसन बाजार, संझौली और नोखा जैसे इलाकों के लोगों की यात्रा बेहद आसान हो जाएगी। सबसे खास बात ये है कि अब पटना से बनारस जाना भी ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा।


हाईवे नेटवर्क से जुड़ेगा पूरा इलाका

यह नया फोरलेन कई बड़े नेशनल और स्टेट हाईवे को जोड़ेगा। इससे माल ढुलाई, व्यापार और ट्रांसपोर्ट को भी काफी फायदा मिलेगा।


नई सड़क के निर्माण से सफर का समय आधा हो जाएगा। गाड़ियों के ईंधन की बचत होगी. सड़क के आस पास के इलाकों में व्यापार में तेजी आएगी और रोजगार के नए मौके मिलेंगे।


कह सकते हैं कि पटना-भोजपुर-सासाराम फोरलेन सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि बिहार के एक बड़े हिस्से के विकास की नई राह है। अगर तय समय पर काम पूरा होता है, तो यह प्रोजेक्ट लाखों लोगों की जिंदगी आसान बना देगा और पूरे इलाके की तस्वीर बदल सकता है।