Bihar News :   राजधानी पटना के राजेंद्र नगर रेलवे यार्ड स्थित कोचिंग कॉम्प्लेक्स में रविवार सुबह अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में यार्ड का बड़ा हिस्सा धुएं और लपटों की चपेट में आ गया। दूर-दूर तक उठते काले धुएं के गुबार को देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, रेलवे अधिकारी और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।


आग की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने करीब 15 छोटी-बड़ी दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा। दमकल कर्मियों ने कई घंटों तक लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग का दायरा बड़ा होने के कारण इसे बुझाने में काफी समय लगा, लेकिन दमकल टीमों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से आग को आसपास के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।


घटना के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को पुलिस ने घेर लिया। आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई ताकि राहत और बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। रेलवे प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। आग बुझने के बाद प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का प्रारंभिक आकलन शुरू किया गया।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में रेलवे की लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो राहत की बात मानी जा रही है। आग लगने के समय यार्ड में मौजूद कर्मचारियों और दमकल टीमों की सतर्कता के कारण स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।


आग लगने के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी। विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग पूरी तरह बुझने के बाद भी काफी देर तक कूलिंग का कार्य जारी रखा गया, ताकि दोबारा आग भड़कने की कोई संभावना न रहे। पूरे परिसर की निगरानी की गई और सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय अपनाए गए।


रेलवे प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रेलवे परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी।


राजेंद्र नगर रेलवे यार्ड में लगी इस भीषण आग ने एक बार फिर रेलवे परिसरों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा और भविष्य के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय तय किए जा सकेंगे।