PATNA: बिहार की राजधानी पटना को सीमांचल से जोड़ने वाला बेहद अहम पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना का काम अधर में लटक गया है. 8 महीने पहले केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को बनाने की मंजूरी दे दी थी लेकिन बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ना तो जमीन अधिग्रहण कर पाई है और ना ही दूसरे जरूरी काम. लिहाजा इस सड़क का काम कब शुरू होगा, ये बताने वाला कोई नहीं है.


सालों से हो रहा इंतजार

बता दें कि करीब 245 किलोमीटर लंबे पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस के एलाइनमेंट को जनवरी 2025 में मंजूरी मिली थी. ये सड़क बिहार के छह जिलों से होकर गुजरेगी. इनमें वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया शामिल हैं. 



अब तक नहीं हुई शुरूआत

दरअसल, इस एक्सप्रेस वे को बनाने के लिए सबसे पहले एलाइनमेंट को फाइनल करना जरूरी है. इस नई सड़क में नौ रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होना है. इसके अलावा छह जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी करनी है। लेकिन दोनों में से कोई काम नहीं हो पाया है.  



नौ रेलवे ओवरब्रिज के डिजाइन की मंजूरी बाकी

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के निर्माण में नौ रेलवे ओवरब्रिज महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनका निर्माण रेलवे लाइनों के ऊपर से सड़क यातायात सुनिश्चित करने के लिए किया जाना है. हालांकि, इन सभी ROB के डिजाइन को अभी संबंधित रेलवे जोन से अंतिम मंजूरी नहीं मिली है.



प्रस्तावित नौ ROB में से आठ के डिजाइन को पूर्व मध्य रेल से स्वीकृति मिलनी है, जबकि एक ROB के लिए पूर्वोत्तर रेलवे की मंजूरी जरूरी है. संबंधित रेलवे जोन को डिजाइन भेजे जा चुके हैं, लेकिन अंतिम अनुमति अब तक नहीं मिल पाई है. हालांकि रेलवे और नेशनल हाइवे ऑथरिटी की टीमों ने संयुक्त रूप से स्थलों का निरीक्षण भी किया है। इसके बावजूद डिजाइन की मंजूरी नहीं मिली है. जिससे सड़क के निमार्ण पर फाइनल सहमति नहीं बन पाई है. 



भूमि अधिग्रहण भी नहीं हुआ

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए बिहार के छह जिलों में जमीन का अधिग्रहण किया जाना है. इनमें वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया शामिल हैं. हालांकि इस सड़क का नाम पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे है लेकिन इसकी शुरुआत पटना शहर से नहीं, बल्कि वैशाली जिले से होगा. यह एक ग्रीनफील्ड परियोजना है, यानी बिल्कुल नई सड़क होगी और इसके लिए निर्धारित रूट पर जमीन उपलब्ध करानी होगी. लिहाजा सड़क का जो एलाइनमेंट है, वहां जमीन का अधिग्रहण करना होगा. 



सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जमीन अधिग्रहण का काम सिर्फ कागजों में ही हुआ है. सरकार अभी कुछ जगहों पर सड़क बनाने के लिए जरूरी जमीन के अधिग्रहण के लिए रिपोर्ट तैयार करा रही है. कुछ जगहों पर जमीन अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी किये गये हैं. लेकिन पूरी परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया है. 



फरवरी में केंद्र सरकार ने दी थी मंजूरी, CCEA के फैसले का इंतजार

केंद्र की नरेंदर् मोदी सरकार ने पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे परियोजना को PPP मॉडल पर बनाने के लिए फरवरी 2026 में मंजूरी दी थी. लेकिन इस सड़क का निर्माण शुरू करने के लिए केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की स्वीकृति जरूरी है. केंद्र सरकार की कैबिनेट समिति ने अब तक मंजूरी नहीं दी है. 



परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए रेलवे से ROB डिजाइन की मंजूरी, 6 जिलों में भूमि अधिग्रहण और जरूरी प्रशासनिक स्वीकृतियों को पूरा करना होगा। ऐसी तमाम प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पायेगा. 


लेकिन हालात ऐसे हैं कि एक्सप्रेस वे का निर्माण कब शुरू होगा ये बताने वाला कोई नहीं है. इसी साल फरवरी में जब केंद्र सरकार ने पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे बनाने की मंजूरी दी थी तो दिल्ली से पटना तक सरकार में बैठे लोगों और एनडीए सरकार ने जमकर अपना गुणगान किया था. लेकिन डबल इंजन वाली सरकार के रहते 8 महीने बाद भी कोई काम क्यों नहीं हुआ ये बताने वाला कोई नहीं है.