Bihar News : राजधानी पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने कोतवाली, गांधी मैदान और सचिवालय थाना में कुल 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, 40 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की मदद से अन्य आरोपितों की पहचान की जा रही है।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर हमला करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के मामले में अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं। जिन लोगों की पहचान होगी, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


सोशल मीडिया और यूट्यूब कंटेंट की भी जांच

पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि घटना से जुड़े सभी वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंटरनेट पर वायरल वीडियो भी खंगाले जा रहे हैं।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका भी जांच के दायरे में है। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं किसी ने भ्रामक जानकारी फैलाकर या उकसाने वाली सामग्री साझा कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं की।


कई इलाकों में देर रात तक चली छापेमारी

घटना के बाद पुलिस ने राजधानी के कई इलाकों में देर रात तक अभियान चलाया। गांधी मैदान, कदमकुआं, बहादुरपुर, बोरिंग रोड, बुद्धा कॉलोनी सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई। पुलिस ने संदिग्ध लोगों से पूछताछ की और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।


अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कई पहलुओं से की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रदर्शन की योजना किसने बनाई और हिंसा के पीछे किसी संगठित साजिश की भूमिका थी या नहीं।


बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ी भीड़

जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए थे। लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ते रहे। इससे पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।


करीब छह घंटे तक चले हंगामे के दौरान शहर के कई प्रमुख इलाकों में यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी।


सरकारी और निजी वाहनों में तोड़फोड़

प्रदर्शन के उग्र होने के बाद डाकबंगला चौराहा और बेली रोड इलाके में पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। इस दौरान कई सरकारी और निजी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।


पुलिस के अनुसार, पटना आईजी की एस्कॉर्ट गाड़ी, सिटी मजिस्ट्रेट के वाहन और कई पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई। कुछ जनप्रतिनिधियों के वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।


पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। जिन लोगों की पहचान वीडियो और सीसीटीवी फुटेज से होगी, उन्हें गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।