Bihar News : बिहार सरकार ने कुछ दिनों पहले ही पूरे राज्य में जमीन का एमवीआर और रजिस्ट्री फी बढ़ा दिया है। इससे जमीन खरीदने और बेचने वाले परेशान हैं. इसके बाद अब राजधानी पटना में रहने वाले लोगों पर अब प्रॉपर्टी टैक्स का अतिरिक्त बोझ भी पड़ने वाला है। पटना नगर निगम क्षेत्र में घरेलू और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए संपत्ति कर (Annual Rental Value- ARV) में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है।
प्रॉपर्टी टैक्स की नई दरें बुधवार यानि 24 जून से प्रभावी हो गई हैं। इसके बाद शहरवासियों को पहले की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना होगा। ज्यादा टैक्स देने वाले मकान या दुकान मालिक अब किरायेदारों से भी ज्यादा पैसा वसूलेंगे.
भरना होगा मोटा टैक्स
अब स्थिति ये है कि अगर पटना के मेन रोड पर आपका दो BHK का छोटा रिहायशी फ्लैट है तो साल में 30 हजार रुपये तक प्रॉपर्टी टैक्स देना पड़ेगा. मेन रोड पर 1000 वर्ग फीट के दुकान के लिए करीब 62 हजार रुपए सालाना प्रॉपर्टी टैक्स लगेगा.
30 साल बढ़ा टैक्स
नगर विकास एवं आवास विभाग के आदेश के बाद पटना नगर निगम ने नई दरों को लागू कर दिया है। यह बढ़ोतरी करीब 30 वर्षों बाद की गई है। नगर निगम के मुताबिक साल 1995 के बाद पहली बार वार्षिक किराया मूल्य में संशोधन किया गया है। इससे पहले इतने लंबे समय तक किराया मूल्य और उसके आधार पर लगने वाले टैक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ था।
कितना बढ़ेगा टैक्स?
नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का वार्षिक प्रॉपर्टी टैक्स अभी 1,000 रुपये है, तो उसे अब 1,150 रुपये कर देना होगा। यानी हर श्रेणी के मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर टैक्स में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
नगर निगम का कहना है कि यह बढ़ोतरी कानूनी प्रावधानों के तहत की गई है। इससे नगर निगम की आय में वृद्धि होगी और अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जाएगा।
नई दरें कैसे तय की गईं?
नगर निगम ने पहले से लागू मूल दरों को 1.15 (15 प्रतिशत वृद्धि) से गुणा कर संशोधित किराया मूल्य निर्धारित किया है। यह दरें सड़क की श्रेणी, भवन के प्रकार और उसके उपयोग (आवासीय या व्यावसायिक) के आधार पर अलग-अलग होंगी।
1. प्रमुख मुख्य सड़क पर स्थित भवन
आरसीसी छत वाले पक्के भवन
पूर्ण व्यावसायिक: 62.10 रुपये प्रति वर्गफुट
अन्य उपयोग: 41.40 रुपये प्रति वर्गफुट
पूर्ण आवासीय: 20.70 रुपये प्रति वर्गफुट
एस्बेस्टस/टिन शेड वाले पक्के भवन
पूर्ण व्यावसायिक: 41.40 रुपये
अन्य उपयोग: 27.60 रुपये
पूर्ण आवासीय: 13.80 रुपये
कच्चे निर्माण
पूर्ण व्यावसायिक: 20.70 रुपये
अन्य उपयोग: 13.80 रुपये
पूर्ण आवासीय: 6.90 रुपये
2. मुख्य सड़क पर स्थित भवन
आरसीसी छत वाले पक्के भवन
पूर्ण व्यावसायिक: 41.40 रुपये
अन्य उपयोग: 27.60 रुपये
पूर्ण आवासीय: 13.80 रुपये
एस्बेस्टस/टिन शेड वाले पक्के भवन
पूर्ण व्यावसायिक: 27.60 रुपये
अन्य उपयोग: 18.40 रुपये
पूर्ण आवासीय: 9.20 रुपये
कच्चे निर्माण
पूर्ण व्यावसायिक: 13.80 रुपये
अन्य उपयोग: 9.20 रुपये
पूर्ण आवासीय: 4.60 रुपये
3. अन्य सड़कों पर स्थित भवन
आरसीसी छत वाले पक्के भवन
पूर्ण व्यावसायिक: 20.70 रुपये
अन्य उपयोग: 13.80 रुपये
पूर्ण आवासीय: 6.90 रुपये
एस्बेस्टस/टिन शेड वाले पक्के भवन
पूर्ण व्यावसायिक: 13.80 रुपये
अन्य उपयोग: 9.20 रुपये
पूर्ण आवासीय: 4.60 रुपये
कच्चे निर्माण
पूर्ण व्यावसायिक: 6.90 रुपये
अन्य उपयोग: 4.60 रुपये
पूर्ण आवासीय: 2.30 रुपये
हर पांच साल में बढ़ोतरी का है प्रावधान
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 127 के तहत शहरी क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स और प्रॉपर्टी टैक्स के निर्धारण के लिए उपयोग होने वाले वार्षिक किराया मूल्य में हर पांच वर्ष पर कम से कम 15 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। हालांकि पटना में यह संशोधन पिछले 30 वर्षों से नहीं किया गया था। अब एक साथ नई दरें लागू की गई हैं।
नगर निगम की आय में होगा इजाफा
नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि नई दरों से राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। इससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध होगा। हालांकि टैक्स बढ़ने से आम नागरिकों और व्यापारियों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।
शहर में 30 वर्षों बाद लागू किए गए इस फैसले का असर अब लाखों मकान मालिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर दिखाई देगा, जिन्हें अगले वित्तीय वर्ष से बढ़ी हुई दरों के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना होगा।