Bihar News : राजधानी पटना में रहने वाले संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी खबर है। पटना नगर निगम ने 31 साल बाद संपत्ति कर निर्धारण की व्यवस्था में बदलाव करते हुए वार्षिक किराया मूल्य (एआरवी) में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू कर दी है। नई दरें 24 जून 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इस फैसले के बाद शहर के हजारों मकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर लगने वाले प्रॉपर्टी टैक्स में बदलाव आएगा।


नगर निगम प्रशासन के अनुसार, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार से मंजूरी मिलने के बाद संशोधित एआरवी लागू किया गया है। इससे पहले वर्ष 1995 के बाद एआरवी में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। निगम का कहना है कि लंबे समय से कर निर्धारण की दरों में बदलाव नहीं हुआ था, जबकि शहर का विस्तार और नागरिक सुविधाओं की जरूरत लगातार बढ़ रही है।


क्यों बढ़ाया गया प्रॉपर्टी टैक्स?

पटना नगर निगम का कहना है कि एआरवी में वृद्धि का मुख्य उद्देश्य निगम के राजस्व को मजबूत करना है। बढ़े हुए राजस्व से शहर में सड़क, नाला, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने की योजना है।


नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत प्रत्येक पांच साल में वार्षिक किराया मूल्य में न्यूनतम 15 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसी नियम के आधार पर नई दरें लागू की गई हैं।


सड़क की चौड़ाई के आधार पर तय होगा टैक्स

नई व्यवस्था में संपत्ति कर निर्धारण के लिए सड़कों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 40 फीट से अधिक चौड़ी सड़क को प्रधान मुख्य सड़क, 20 से 40 फीट चौड़ी सड़क को मुख्य सड़क और 20 फीट से कम चौड़ी सड़क को अन्य सड़क की श्रेणी में रखा गया है।


संपत्ति का टैक्स तय करते समय सड़क की श्रेणी, भवन का प्रकार और संपत्ति के उपयोग को ध्यान में रखा जाएगा। यानी व्यवसायिक, औद्योगिक और आवासीय संपत्तियों के लिए अलग-अलग दरें लागू होंगी।


आवासीय और व्यवसायिक संपत्तियों पर असर

नई दरों के अनुसार आरसीसी छत वाले पक्के भवनों के लिए एआरवी में सबसे अधिक बदलाव किया गया है। वहीं एस्बेस्टस या कोरोगेटेड छत वाले भवन और अन्य प्रकार के भवनों के लिए भी नई दरें तय की गई हैं।


नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर का निर्धारण वार्षिक किराया मूल्य के नौ प्रतिशत के आधार पर किया जाता है। इसलिए एआरवी बढ़ने के साथ ही संपत्ति मालिकों को पहले की तुलना में अधिक टैक्स भुगतान करना पड़ सकता है।


30 जून तक भुगतान पर मिलेगी छूट

पटना नगर निगम ने करदाताओं को राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एकमुश्त संपत्ति कर भुगतान पर पांच प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। यह छूट 30 जून तक टैक्स जमा करने वालों को मिलेगी।


नगर निगम ने शहरवासियों से समय पर टैक्स भुगतान करने की अपील की है। निगम का कहना है कि समय पर कर जमा होने से शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।


नए फैसले पर लोगों की नजर

प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ने से जहां नगर निगम को अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है, वहीं संपत्ति मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि बढ़े हुए राजस्व का इस्तेमाल शहर की सुविधाओं को बेहतर बनाने में कितना प्रभावी साबित होता है।


पटना नगर निगम का यह फैसला आने वाले दिनों में शहर के लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि संपत्ति कर सीधे तौर पर मकान मालिकों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के खर्च को प्रभावित करेगा।