Patna Property Tax : अगर आप पटना में किसी अपार्टमेंट या बहुमंजिला इमारत में रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। पटना नगर निगम ने शहर की सभी बहुमंजिला इमारतों और अपार्टमेंट के प्रत्येक फ्लैट को संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) के दायरे में लाने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी भवन या फ्लैट कर व्यवस्था से बाहर न रहे और नगर निगम का राजस्व बढ़ सके।


नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहर के सभी अंचलों में विशेष सर्वे टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें प्रत्येक बहुमंजिला भवन का भौतिक सत्यापन करेंगी। सर्वे के दौरान यह जानकारी जुटाई जाएगी कि भवन में कुल कितने फ्लैट हैं, कितनी मंजिलें हैं, भवन किस सड़क पर स्थित है और उसका वर्तमान उपयोग क्या है।


अपार्टमेंट सोसायटी से मांगी जाएगी पूरी जानकारी

सर्वे के बाद संबंधित वार्ड के नोडल अधिकारी अपार्टमेंट के सचिव और प्रबंधन समिति से संपर्क करेंगे। उनसे निगम द्वारा निर्धारित प्रपत्र में हर फ्लैट का विस्तृत विवरण मांगा जाएगा। इन जानकारियों के आधार पर प्रत्येक संपत्ति का रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा, ताकि भविष्य में टैक्स निर्धारण में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। इसके बाद राजस्व पदाधिकारी दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान कर सत्यापन करेंगे। जांच पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट नगर निगम मुख्यालय को भेजी जाएगी और उसी आधार पर संपत्ति कर तय किया जाएगा।


बढ़ेगा नगर निगम का राजस्व

नगर निगम का मानना है कि इस अभियान के बाद ऐसे हजारों फ्लैट और भवन भी टैक्स के दायरे में आ जाएंगे, जिनका अब तक पंजीकरण नहीं हुआ है। वहीं जिन संपत्तियों का टैक्स वास्तविक देयता से कम निर्धारित किया गया है, उनका दोबारा आकलन किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त राजस्व का उपयोग शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने, सड़कों और नालियों के निर्माण, स्ट्रीट लाइट लगाने तथा अन्य शहरी सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।


आवासीय भवन में चल रहे व्यवसाय पर भी होगी नजर

नगर निगम केवल नए फ्लैटों की पहचान ही नहीं करेगा, बल्कि उन संपत्तियों की भी जांच करेगा जिनकी प्रॉपर्टी आईडी आवासीय श्रेणी में दर्ज है, लेकिन उनका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार टैक्स का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।


बिजली कनेक्शन के आंकड़ों से होगी जांच

नगर निगम ने टैक्स संग्रह बढ़ाने के लिए ऊर्जा विभाग के आंकड़ों का भी सहारा लिया है। निगम क्षेत्र में लगभग 6.97 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जबकि नगर निगम के रिकॉर्ड में केवल 3.05 लाख संपत्तियां ही पंजीकृत हैं। यानी करीब 3.92 लाख बिजली कनेक्शनों की संपत्ति कर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी अंतर को खत्म करने के लिए नगर निगम के कंट्रोल रूम में 26 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम रोजाना बिजली उपभोक्ताओं को फोन कर उनकी प्रॉपर्टी आईडी, स्व-कर निर्धारण (SAS) नंबर और टैक्स भुगतान की जानकारी ले रही है।


लोगों को दी जा रही टैक्स प्रक्रिया की जानकारी

जिन संपत्ति मालिकों ने अभी तक अपनी संपत्ति का कर निर्धारण नहीं कराया है, उन्हें फोन के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और टैक्स निर्धारण की पूरी जानकारी दी जा रही है। साथ ही जल्द से जल्द संपत्ति का पंजीकरण और टैक्स जमा कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।


नगर निगम का कहना है कि इस विशेष अभियान से टैक्स व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी, राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और शहर के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। ऐसे में पटना के फ्लैट मालिकों और अपार्टमेंट निवासियों को अपनी संपत्ति से जुड़े सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है।