पटना। अगर आप पटना नगर निगम क्षेत्र में रहते हैं और आपके नाम पर मकान, जमीन या कोई अन्य संपत्ति दर्ज है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। नगर निगम ने संपत्तिधारकों को चालू वित्तीय वर्ष का संपत्ति कर जमा करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक का समय दिया है। इस तारीख तक टैक्स जमा नहीं करने पर एक अक्टूबर से बकाया राशि पर हर महीने 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज देना पड़ेगा।

यानी सितंबर तक टैक्स जमा नहीं किया तो अक्टूबर से आपकी देनदारी लगातार बढ़ती जाएगी। नगर निगम की ओर से संपत्तिधारकों को समय पर भुगतान करने की अपील की जा रही है। इसके लिए मोबाइल संदेश के जरिए भी टैक्स भुगतान और संपत्ति कर निर्धारण से संबंधित जानकारी भेजी जा रही है।

अप्रैल-जून में मिलता है 5 प्रतिशत छूट का फायदा

संपत्ति कर भुगतान को लेकर बिहार नगरपालिका संपत्ति कर नियमावली 2013 में अलग-अलग अवधि के लिए अलग प्रावधान किए गए हैं। अप्रैल से जून के बीच पूरे वित्तीय वर्ष का संपत्ति कर एकमुश्त जमा करने पर मूल कर राशि में 5 प्रतिशत की अनिवार्य छूट मिलती है।

वहीं, जुलाई से सितंबर के बीच संपत्ति कर जमा करने पर किसी तरह की छूट नहीं मिलती। इसके बावजूद इस अवधि में टैक्स जमा करने का फायदा यह है कि संपत्तिधारक अक्टूबर से लगने वाले ब्याज से बच सकता है। इसलिए जिन लोगों ने अभी तक चालू वित्तीय वर्ष का संपत्ति कर जमा नहीं किया है, उनके लिए 30 सितंबर अंतिम मौका माना जा रहा है।

अक्टूबर से डिफाल्टर माने जाएंगे

नगर निगम के अनुसार सितंबर के बाद टैक्स बकाया रखने वाले संपत्तिधारकों को डिफाल्टर की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके बाद बकाया मूल राशि पर हर महीने 1.5 प्रतिशत ब्याज लगाया जाएगा। मसलन, किसी संपत्तिधारक का मूल संपत्ति कर बकाया है और उसने समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया, तो अक्टूबर से उस बकाया रकम पर ब्याज जुड़ना शुरू हो जाएगा। जितने लंबे समय तक भुगतान नहीं होगा, उतनी ही अधिक राशि जमा करनी पड़ेगी।यही वजह है कि निगम लगातार लोगों को समय पर टैक्स जमा करने के लिए जागरूक कर रहा है।

सिर्फ ब्याज नहीं, कार्रवाई भी हो सकती है

संपत्ति कर को लंबे समय तक बकाया रखना संपत्तिधारकों के लिए और भी मुश्किल खड़ी कर सकता है। बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत बकाया कर की वसूली के लिए नगर निकाय को संपत्ति की कुर्की और बिक्री जैसी कार्रवाई करने का प्रावधान है। जरूरत पड़ने पर बकायेदार के बैंक खाते को फ्रीज करने और कर वसूली के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि, सामान्य स्थिति में निगम की कोशिश टैक्स भुगतान के लिए लोगों को सूचना और अवसर देने की रहती है। मोबाइल संदेशों के माध्यम से संपत्तिधारकों को भुगतान और कर निर्धारण से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

3.10 लाख संपत्तियों का हो चुका स्व कर निर्धारण

पटना नगर निगम क्षेत्र में अब तक करीब 3.10 लाख संपत्तियों का स्व कर निर्धारण हो चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में 9 सितंबर तक 1,51,331 संपत्तिधारक संपत्ति कर जमा कर चुके हैं। इनसे नगर निगम को 61.19 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि से तुलना करें तो उस समय 1,46,603 संपत्तिधारकों ने टैक्स जमा किया था और निगम को 49.89 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस आंकड़े के मुताबिक इस वित्तीय वर्ष में अब तक 4,383 अधिक संपत्तिधारकों ने टैक्स जमा किया है। वहीं नगर निगम के राजस्व संग्रह में भी 11.29 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

पहली तिमाही में 1.24 लाख लोगों ने लिया छूट का लाभ

चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान 5 प्रतिशत छूट का फायदा उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने संपत्ति कर जमा किया। इस अवधि में कुल 1,24,641 संपत्तिधारकों ने टैक्स जमा किया। इन लोगों को मूल कर राशि पर मिलने वाली 5 प्रतिशत की छूट का लाभ मिला। नगर निगम के आंकड़ों से यह भी संकेत मिलता है कि पिछले कुछ वर्षों में संपत्ति कर जमा करने वालों की संख्या और निगम का राजस्व दोनों लगातार बढ़े हैं।

संपत्ति कर संग्रह में लगातार बढ़ोतरी

वित्तीय वर्षटैक्स जमा करने वाले संपत्तिधारकसंपत्ति कर संग्रह
2023-242,18,620104 करोड़ रुपये
2024-252,25,309114 करोड़ रुपये
2025-262,41,625125 करोड़ रुपये

इन आंकड़ों से साफ है कि नगर निगम के संपत्ति कर संग्रह में पिछले वर्षों के दौरान लगातार इजाफा हुआ है। निगम अब चालू वित्तीय वर्ष में भी टैक्स कलेक्शन बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

30 सितंबर की तारीख न करें नजरअंदाज

पटना के संपत्तिधारकों के लिए सबसे अहम बात यही है कि 30 सितंबर के बाद टैक्स जमा करने पर 5 प्रतिशत छूट नहीं मिलेगी और बकाया राशि पर 1.5 प्रतिशत मासिक ब्याज लग सकता है। नगर निगम का कहना है कि संपत्ति कर से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल शहर में नागरिक सुविधाओं और आधारभूत संरचनाओं के विकास में किया जाता है। ऐसे में संपत्तिधारकों से समय पर कर भुगतान करने की अपील की गई है। अगर आपका संपत्ति कर अभी तक जमा नहीं हुआ है, तो आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते भुगतान करना बेहतर होगा। इससे ब्याज और भविष्य में होने वाली वसूली संबंधी कार्रवाई से बचा जा सकता है।