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13-Mar-2026 01:33 PM
By First Bihar
BIHAR NEWS : पटना में अब निजी भवनों पर विज्ञापन होर्डिंग्स लगाना पहले की तरह आसान नहीं होगा। पटना नगर निगम (PMC) ने शहर में लगे विज्ञापन होर्डिंग्स और बैनरों को लेकर सख्त कदम उठाते हुए नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अब निजी भवनों के मालिकों को अपने भवनों पर लगे सभी विज्ञापन होर्डिंग्स की पूरी जानकारी नगर निगम को देना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि तय समय सीमा के भीतर यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संबंधित होर्डिंग और यूनिपोल को अवैध मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में निजी भवनों पर विज्ञापन होर्डिंग्स लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से कई के बारे में निगम के पास पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसे देखते हुए पटना नगर निगम ने स्थापित विज्ञापन होर्डिंग और बैनरों की वर्तमान स्थिति, नियमों के अनुपालन और व्यवस्थागत सुधार को लेकर यह निर्देश जारी किया है।
नए आदेश के अनुसार, जिन भवनों पर विज्ञापन होर्डिंग्स लगे हुए हैं, उनके मालिकों को होर्डिंग का आकार, स्थान, ऊंचाई और अन्य तकनीकी विवरण नगर निगम को देना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि वह होर्डिंग किस विज्ञापन एजेंसी द्वारा लगाया गया है और किस आधार पर लगाया गया है।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित तारीख तक पूरी जानकारी जमा नहीं करने की स्थिति में संबंधित होर्डिंग और यूनिपोल को अवैध घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद भवन मालिकों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 और अन्य प्रासंगिक नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाने से लेकर होर्डिंग हटाने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
नगर निगम ने सभी विज्ञापन एजेंसियों और भवन मालिकों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज और जानकारी पटना नगर निगम के विज्ञापन कोषांग में जमा कर दें। इसके अलावा इच्छुक लोग अपनी जानकारी नगर निगम के आधिकारिक ईमेल [patnamebih@giv.in] (mailto:patnamebih@giv.in) पर भी भेज सकते हैं। निगम का कहना है कि समय पर जानकारी देने से भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सकता है।
दरअसल, पटना में पिछले कुछ वर्षों में विज्ञापन होर्डिंग्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। कई निजी भवनों की छतों और दीवारों पर बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें से कई होर्डिंग्स बिना अनुमति या अधूरी प्रक्रिया के लगाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ऐसे होर्डिंग्स न केवल नियमों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि कई बार सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा पैदा करते हैं।
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, अब तक केवल 56 विज्ञापन एजेंसियों ने अपने द्वारा लगाए गए विज्ञापनों का पूरा ब्योरा निगम को उपलब्ध कराया है। जबकि शहर में इससे कहीं अधिक संख्या में विज्ञापन बोर्ड लगे हुए हैं।
इसी वजह से निगम ने भवन मालिकों को यह भी निर्देश दिया है कि वे विज्ञापन एजेंसी के साथ किए गए एग्रीमेंट की कॉपी भी जमा करें। इसके अलावा भवन पर होर्डिंग लगाने से पहले कराया गया स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी टेस्ट का सर्टिफिकेट भी उपलब्ध कराना होगा। यह प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करता है कि जिस भवन पर होर्डिंग लगाया गया है, वह उसके भार को सुरक्षित रूप से सहन करने में सक्षम है।
पटना नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य शहर में विज्ञापन व्यवस्था को व्यवस्थित करना और अवैध होर्डिंग्स पर रोक लगाना है। इससे न केवल शहर की सुंदरता बनी रहेगी, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी यह व्यवस्था बेहतर होगी।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए भवन मालिकों और विज्ञापन एजेंसियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते सभी जरूरी जानकारी और दस्तावेज जमा करा दें।