Patna Farmers Protest: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शनों के कारण दिनभर हलचल रही। इसी दौरान पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विरोध में बड़ी संख्या में किसानों ने भी मार्च निकाला। पुनपुन, नौबतपुर समेत आसपास के इलाकों से पहुंचे किसान गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले।
प्रदर्शनकारी किसान प्रस्तावित टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि उनकी जमीन खेती योग्य है और इसी से परिवार की आजीविका चलती है। किसानों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी खेती की जमीन सरकार को नहीं देना चाहते।
किसानों का कहना था कि पाटलिपुत्र सैटेलाइट सिटी नहीं बनना चाहिए, क्योंकि उस खेत से हम एक साल में तीन फसल उगाते हैं। यह हमारी जमीन है, जिसे बेचकर बेटी की शादी करते हैं और बेटे को पढ़ाते हैं। इसलिए यह जमीन सरकार को नहीं देंगे। प्रदर्शन के दौरान किसान प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए पटना के डीएम, एसएसपी और एसपी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए समझाने का प्रयास किया।
एक किसान नेता ने कहा कि उनका प्रदर्शन छात्रों के आंदोलन में शामिल होने के लिए नहीं है। किसान अपनी जमीन और प्रस्तावित टाउनशिप से जुड़ी मांगों को लेकर अलग से प्रदर्शन कर रहे हैं। एक ही दिन कई संगठनों के मार्च होने के कारण सभी प्रदर्शन एक जगह जुट गए हैं।
बिहार सरकार ने राज्य में 12 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया है। इनमें पाटलिपुत्र टाउनशिप भी शामिल है। प्रस्तावित योजना को लेकर जमीन अधिग्रहण और किसानों की सहमति का मुद्दा सामने आया है। सरकार का कहना है कि वह किसानों और भू-स्वामियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रही है।
पाटलिपुत्र टाउनशिप को करीब 30 सेक्टर में विकसित करने का प्रस्ताव है। जमीन की व्यवस्था के लिए चार मॉडल पर विचार किया जा रहा है—लैंड पूलिंग, आपसी समझौता, हाइब्रिड मॉडल और भूमि खरीद/अधिग्रहण।
प्रस्तावित पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का क्षेत्र करीब 81,730 एकड़ में फैला होगा। योजना के दायरे में नौ प्रखंडों के कुल 273 गांव शामिल हैं। इनमें पुनपुन, नौबतपुर, मसौढ़ी, फतुहा, संपतचक, पटना ग्रामीण, धनरुआ, दनियावां और फुलवारी प्रखंड के क्षेत्र शामिल हैं।
इसके अलावा विशेष क्षेत्र के तहत दो शहरी क्षेत्र भी प्रस्तावित हैं। इनमें नौबतपुर नगर पंचायत का आंशिक क्षेत्र और पुनपुन नगर पंचायत का पूरा क्षेत्र शामिल है। टाउनशिप के भीतर करीब 3,008 एकड़ का कोर एरिया प्रस्तावित है, जिसमें पुनपुन प्रखंड के 19 गांव शामिल होंगे।
सरकार का मानना है कि पाटलिपुत्र टाउनशिप के विकास से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हो सकता है। नए शहरी क्षेत्र में आवास, व्यवसाय, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बाजार और सेवा क्षेत्र के विस्तार से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सरकार इस ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को बिहार में भविष्य के शहरी विकास के मॉडल के रूप में विकसित करना चाहती है। हालांकि, इन विकास योजनाओं के बीच किसानों की जमीन को लेकर विरोध जारी है। अब सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत से यह तय होगा कि प्रस्तावित टाउनशिप को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति कैसे बनती है।