Patna News: पटना शहर में अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर सख्त कदम उठाया जा रहा है। 2 मार्च से जिला प्रशासन की ओर से विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए 9 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। सभी टीमें मिलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करेंगी।


यह अभियान मल्टी-एजेंसी स्पेशल ड्राइव के रूप में चलाया जाएगा, यानी कई विभाग एक साथ मिलकर काम करेंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर को जाम और अव्यवस्था से मुक्त कराना है, ताकि आम लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।


यह विशेष अभियान पटना नगर निगम के छह अंचलों नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बाँकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी में चलाया जाएगा। इसके अलावा नगर परिषद खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर निजामत क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इन इलाकों में सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया जाएगा।


अभियान में जिला प्रशासन के साथ नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पथ निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, अग्निशमन सेवा, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार विभाग, वन प्रमंडल और बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहेंगे। सभी विभागों को आपस में तालमेल बनाकर काम करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अभियान सही तरीके से और समय पर पूरा हो सके।


जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि कार्रवाई के दौरान जनहित को ध्यान में रखा जाए और सभी विभाग आपसी सहयोग से काम करें। अतिक्रमण हटाने के बाद फॉलो-अप टीम और मॉनिटरिंग सेल को भी सक्रिय रखा जाएगा। इसका मकसद यह है कि जहां से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा न हो सके।


प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति दोबारा अतिक्रमण करता है, तो उसके खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। यानी इस बार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।


अभियान के दौरान टी-प्वाइंट, गोलंबर और मुख्य चौराहों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। अक्सर इन जगहों पर ठेला, खोमचा या अस्थायी दुकान लगाने से ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो जाती है। इससे आम लोगों को काफी दिक्कत होती है। 


पहले भी शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया था, लेकिन कुछ इलाकों में फिर से अवैध कब्जा कर लिया गया। इस बार प्रशासन ने नियमित निगरानी की व्यवस्था की है, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।