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11-Mar-2026 07:42 AM
By First Bihar
NEET student rape case : पटना में नीट छात्रा रेप-मौत मामले की जांच में जेल में बंद शंभू गर्ल्स हॉस्टल बिल्डिंग मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर आज पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई 2 मार्च को हुई थी, जिसमें मनीष के वकील ने कोर्ट से जमानत देने की अपील की थी। इसके विरोध में पीड़ित परिवार के वकील एसके पांडेय ने कड़ा रुख अपनाया था।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पटना पुलिस और वर्तमान में केस की जांच कर रही CBI से सवाल किया कि यदि उन्हें मनीष रंजन की मौजूदगी की जरूरत नहीं है, तो फिर वह जेल में क्यों है। CBI ने कोर्ट में स्पष्ट कहा कि उनके अनुसार मनीष की जांच में कोई जरूरी भूमिका नहीं है।
पिछले सप्ताह जारी नोटिफिकेशन के बाद CBI ने केस में पॉक्सो एक्ट की धारा भी जोड़ी। शुरू में जब CBI ने केस अपने हाथ में लिया था, तब इसमें पॉक्सो एक्ट की धारा शामिल नहीं थी। कोर्ट ने इस पर कड़ी टिप्पणी की थी और सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर आवश्यक संशोधन किया। अब मनीष की जमानत याचिका के साथ ही पॉक्सो कोर्ट में इस केस की सुनवाई होगी।
जांच प्रक्रिया के दौरान CBI ने पटना और जहानाबाद जिले में कई लोगों से पूछताछ की। हॉस्टल समेत कई स्थानों को खंगाला गया, लेकिन अब तक किसी ठोस सबूत की पुष्टि नहीं हो पाई है। सूत्रों के अनुसार, केस से जुड़े साक्ष्यों की कमी के बावजूद मनीष रंजन को जेल में रखा गया है। इस वजह से मनीष को इस बार होली बेउर जेल में ही मनानी पड़ी।
इस मामले में अब सवाल यह है कि क्या कोर्ट मनीष को जमानत देगी या नहीं। पिछले अनुभव और कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों को देखते हुए माना जा रहा है कि सुनवाई पर पैनी निगाह रहेगी। केस की संवेदनशीलता और सार्वजनिक ध्यान के चलते, कोर्ट इस मामले में हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।
CBI ने केस की जांच में जिस तरह से हॉस्टल, आसपास के इलाके और संबंधित लोगों से पूछताछ की, वह केस की जांच की व्यापकता को दर्शाता है। लेकिन केस में अभी तक ठोस सबूत न मिलने की वजह से मनीष की जमानत पर बहस और अधिक जोर पकड़ सकती है।
इस सुनवाई में कोर्ट के फैसले से न केवल मनीष रंजन की जेल की स्थिति तय होगी, बल्कि पूरे मामले में जांच की दिशा और आगे की प्रक्रिया पर भी असर पड़ेगा। पॉक्सो कोर्ट की यह सुनवाई पटना समेत पूरे बिहार में लोगों की निगाहों का केंद्र बनी हुई है।