PATNA: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। जांच में ठोस सबूत नहीं मिलने की बात सामने आई है। वहीं, मृतका की मां ने CBI और बिहार पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए न्याय के लिए लड़ाई जारी रखने की बात कही है।


पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली नीट छात्रा की मौत के मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने कुछ दिन पहले क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी। जबकि मृतका के परिजनों ने बेटी की हत्या का आरोप लगाया था लेकिन सीबीआई को इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं मिला। सीबीआई की जांच पर मृतका की मां ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि सीबीआई शुरुआती से ही लीपापोती कर रहा था। जो काम बिहार पुलिस ने किया वही काम सीबीआई ने किया। बिहार पुलिस और सीबीआई ने हम सभी पर दवाब बनाया। हम अपनी बेटी को न्याय दिला कर ही दम लेंगे। 


करीब 10 महीने पहले शंभू हॉस्टल में रहकर मेडिकल की तैयारी करने वाली छात्रा की संदिग्ध मौत से पूरा परिवार आज भी काफी सदमें में है। परिवार को सीबीआई पर भरोसा था कि उनकी बेटी को न्याय मिलेगा। लेकिन सीबीआई ने इस मामले की क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी है। सीबीआई को इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं मिला। मृतका की मां ने रोते हुए कहा कि हम अभी जिंदा हैं, और जब तक जिंदा रहेंगे, बेटी को न्याय दिलाने के लिए केस लड़ते रहेंगे। हम हारे नहीं है सीबीआई हमको हरा दिया है, सीबीआई हार गया है, हम नहीं हारे हैं। मृतका की मां ने आगे कहा कि हमको सीबीआई और बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं है।


 सीबीआई तो शुरुआती से ही लीपापोती कर रहा था। जो काम बिहार पुलिस ने किया वही काम सीबीआई ने भी किया। बिहार पुलिस और सीबीआई दोनों में हम सब पर दवाब बनाया। उम्मीद रुका नहीं है हम नहीं रुके है, बेटी को न्याय दिला कर हम रहेंगे। इस घटना का 10 महीना हो गया, मेरी बेटी घर से चली गयी। घर पर बेटी की डोली तो नहीं आई लेकिन अर्थी उठ गयी। मेरी बेटी बराबर सपना में आती है, और रोती हुई बोलती है कि मां डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया। बेटी को डॉक्टर बनाना हमारा सपना था जो टूट गया। बेटी को पढ़ाने के लिए हम एक पैसा भी किसी से कर्ज नहीं लिए थे, ना हम बेटी का सौदा किये थे। मेरी बेटी इस दुनियां में अब नहीं है, लेकिन हम अपनी बेटी को न्याय दिलाकर रहेंगे। उसकी मां अभी जिंदा हैं।   


बता दें कि बिहार के चर्चित नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले की जांच सीबीआई ने पूरी कर ली। दिल्ली सीबीआई टीम ने मंगलवार को पटना स्थित पॉक्सो की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमन सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर 13 अक्टूबर को सुनवाई करेंगे, जिसमें इस कांड के सूचक का पक्ष भी सुना जाएगा। पॉक्सो कोर्ट ने सूचक को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। 


गौरतलब है कि पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली जहानाबाद की छात्रा इसी साल 6 जनवरी को बेहोश मिली थी। 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों दुष्कर्म और हत्या के आरोप लगाया था। छात्रा के पिता के बयान पर 9 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाना में एफआईआर दर्ज की गयी थी। 


चित्रगुप्त नगर थाने की तत्कालीन थानेदार रौशनी कुमारी ने इस कांड का अनुसंधान शुरू किया था। इस कांड को लेकर पटना में आंदोलन भी हुआ। जांच करने वाले अधिकारियों पर कई तरह के आरोप लगे थे। आईजी जितेन्द्र राणा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया था।


हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मनीष के खिलाफ निर्धारित अवधि में न तो बिहार पुलिस की एसआईटी और न ही सीबीआई ने पॉक्सो की विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया। इस वजह से आरोपित मनीष को नियमित जमानत मिल गई।


सीबीआई ने पॉक्सो की विशेष अदालत के उस आदेश को पटना हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर की है, जिसमें अदालत ने मृतक नीट छात्रा कांड मामले में मां का बयान बीएनएसएस की धारा के तहत दर्ज करने का निर्देश जांच एजेंसी को दिया था। यह याचिका पटना हाईकोर्ट में लंबित है। 


कांड के सूचक पिता और छात्रा की मां ने बिहार पुलिस, सीबीआई और डॉक्टर पर मिलीभगत कर आरोपित को बचाने का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि नीट छात्रा के साथ रेप और उसकी हत्या की गयी है। इसमें बड़े रसूखदार शामिल है। परिजन पॉक्सो की विशेष अदालत में जांच कर रही टीम पर कई सवाल खड़े किए। मृतका की मां ने कहा कि जब तक जिंदा रहेंगे बेटी को न्याय दिलाकर रहेंगे। अब तक किसी भी नेता ने मदद नहीं किया। मर जाएंगे पीछे नहीं हटेंगे। न्यायालय और जनता पर मुझे पूरा भरोसा है कि हमें न्याय जरूर मिलेगा। मेरी बेटी गंगा थी और गंगा रहेगी। गंगा बेटी को न्याय दिलाने के लिए आगे बढ़ेंगे पीछे नहीं हटेंगे।