PATNA: पटना नगर निगम कर्मियों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन भी जारी है। हड़ताल के कारण राजधानी की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। इस बीच नगर निगम आयुक्त यशपाल मीणा ने हड़ताली कर्मियों से काम पर लौटने की अपील की है और कहा है कि निगम प्रशासन वार्ता के लिए पूरी तरह तैयार है।


नगर निगम आयुक्त ने कहा कि कर्मचारियों की तीन सूत्री मांगों को लेकर सचिव स्तर पर पहले भी बैठक हो चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बकाया राशि का भुगतान पूर्व में भी समय पर किया गया है और आगे भी नियमानुसार भुगतान होता रहेगा। उन्होंने कहा कि पटना शहर की साफ-सफाई हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कर्मचारियों की मांगों को उच्च अधिकारियों के समक्ष पत्र के माध्यम से भेज दिया गया है और उन पर विचार किया जा रहा है।


फिलहाल शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसियों के कर्मियों से पुलिस बल की निगरानी में सफाई कार्य कराया जाएगा। आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति सफाई कार्य में बाधा उत्पन्न करेगा, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


यशपाल मीणा ने यह भी कहा कि दैनिक कर्मियों के भुगतान में कटौती की शिकायतें पहले भी मिली हैं। ऐसे मामलों की जांच कर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम आयुक्त ने सभी सफाई कर्मियों से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए हड़ताल समाप्त कर जल्द से जल्द काम पर लौटने की अपील की है, ताकि राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था सामान्य हो सके।


दरअसल, अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पटना नगर निगम के करीब 8 हजार स्थायी, दैनिक और आउटसोर्स कर्मी गुरुवार (30 जुलाई) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते आउटसोर्स सफाई कर्मियों और ड्राइवरों ने कचरा उठाने का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया है।


पिछले तीन दिनों से न तो सड़कों की सफाई हो सकी है और न ही कचरे का उठाव। मंदिरी, किदवईपुरी, नागेश्वर कॉलोनी, मीठापुर, राजीव नगर, इंद्रपुरी समेत कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बदबू के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने पुलिस की निगरानी में रात 10 बजे से विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सफाई कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही, पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध नहीं कराने वाली एजेंसियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।


इधर, हड़ताली कर्मियों ने नगर निगम मुख्यालय में प्रदर्शन कर अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक कर्मियों का स्थायीकरण, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर कर्मियों का नगर निकायों में समायोजन, तथा एसीपी और एमएसीपी पर लगी रोक हटाना शामिल है।