PATNA: पटना नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर शनिवार को तीसरे दिन राजधानी की सफाई व्यवस्था पर साफ तौर पर दिखाई दिया। शहर के कई इलाकों में कूड़े का अंबार लग गया है। लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कूड़े से तेज बदबू फैल रही है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


तीन दिनों से सफाई कर्मियों के काम पर नहीं आने के कारण घरों, गलियों और सड़कों पर कचरा जमा हो गया है। डोर-टू-डोर कचरा उठाव पूरी तरह ठप होने से लोग मजबूर होकर घर का कचरा सड़कों पर फेंक रहे हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों का सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो गया है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है।


दरअसल, अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पटना नगर निगम के करीब 8 हजार स्थायी, दैनिक और आउटसोर्स कर्मी गुरुवार (30 जुलाई) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते आउटसोर्स सफाई कर्मियों और ड्राइवरों ने कचरा उठाने का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया है।


पिछले तीन दिनों से न तो सड़कों की सफाई हो सकी है और न ही कचरे का उठाव। मंदिरी, किदवईपुरी, नागेश्वर कॉलोनी, मीठापुर, राजीव नगर, इंद्रपुरी समेत कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बदबू के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने पुलिस की निगरानी में रात 10 बजे से विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सफाई कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही, पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध नहीं कराने वाली एजेंसियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।


इधर, हड़ताली कर्मियों ने नगर निगम मुख्यालय में प्रदर्शन कर अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक कर्मियों का स्थायीकरण, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर कर्मियों का नगर निकायों में समायोजन, तथा एसीपी और एमएसीपी पर लगी रोक हटाना शामिल है।