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22-Jan-2026 02:42 PM
By First Bihar
Patna Municipal Corporation : पटना को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शामिल करने के लिए नगर निगम लगातार नए और प्रभावी प्रयोग कर रहा है। इसी कड़ी में अब एक अनोखी पहल की शुरुआत की गई है, जिसका नाम है ‘नगर मित्र’। पहले गंदगी फैलाने वालों को ‘नगर शत्रु’ के रूप में चिह्नित कर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक की गईं, और अब स्वच्छता के लिए काम करने वाले जिम्मेदार नागरिकों को सामने लाकर उन्हें सम्मानित करने की तैयारी है। यह पहल न सिर्फ सफाई व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि आम लोगों को भी शहर की स्वच्छता मुहिम से सीधे जोड़ेगी।
नगर निगम का मानना है कि किसी भी शहर को साफ रखने के लिए सिर्फ सरकारी तंत्र काफी नहीं होता, बल्कि इसके लिए नागरिकों की भागीदारी सबसे अहम होती है। इसी सोच के तहत हर वार्ड से एक-एक ‘नगर मित्र’ चुना जाएगा। ये नगर मित्र कोई सरकारी कर्मचारी नहीं होंगे, बल्कि उसी मोहल्ले के ऐसे जागरूक नागरिक होंगे, जो अपने आसपास की सफाई को लेकर पहले से ही संवेदनशील और सक्रिय हैं।
नगर मित्र की जिम्मेदारियां
नगर मित्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने घर के आसपास की गली, सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थलों पर नजर रखना होगा। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी व्यक्ति खुले में कचरा न फेंके। इसके साथ ही वे लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में सहयोग करने और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने के लिए प्रेरित करेंगे।नगर मित्र लोगों को सिर्फ टोकने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि संवाद के जरिए उन्हें समझाएंगे कि स्वच्छता से न केवल शहर सुंदर बनता है, बल्कि बीमारियों से भी बचाव होता है।
‘नगर शत्रु’ के बाद अब सकारात्मक पहल
पटना नगर निगम ने हाल ही में गंदगी फैलाने वाले करीब 2000 लोगों को ‘नगर शत्रु’ के रूप में चिह्नित किया था। इनकी तस्वीरें शहर के बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड (VMD) पर दिखाई गईं, जिससे लोगों में एक तरह का डर और जागरूकता पैदा हुई।अब उसी तर्ज पर नगर निगम स्वच्छता के लिए काम करने वाले नागरिकों को ‘नगर मित्र’ के रूप में सम्मानित करेगा। चयन के बाद उनकी तस्वीरें भी स्मार्ट सिटी के बड़े वीएमडी स्क्रीन्स पर लगाई जाएंगी। इससे एक ओर जहां नगर मित्रों को पहचान और सम्मान मिलेगा, वहीं दूसरी ओर समाज में स्वच्छता को लेकर सकारात्मक संदेश जाएगा।
चयन प्रक्रिया रहेगी पारदर्शी
नगर मित्रों के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। सफाई इंस्पेक्टर और सिटी मैनेजर की सीधी निगरानी में यह चयन होगा। सिर्फ किसी व्यक्ति की इच्छा से ही उसे नगर मित्र नहीं बनाया जाएगा, बल्कि उसके पड़ोसियों से भी फीडबैक लिया जाएगा।यह देखा जाएगा कि वह व्यक्ति वास्तव में जिम्मेदार है या नहीं, और क्या वह स्वच्छता को लेकर नियमित रूप से प्रयास करता रहा है। खासकर नूतन राजधानी अंचल, बांकीपुर और कंकड़बाग जैसे इलाकों में, जहां नगर शत्रुओं की संख्या अधिक है, वहां नगर मित्रों की भूमिका और भी अहम मानी जा रही है।
सफाई समस्याओं का त्वरित समाधान
नगर मित्र जनता और नगर निगम के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेंगे। मोहल्ले में अगर कहीं कचरा उठाने में देरी हो, नाली जाम हो या सफाई से जुड़ी कोई और समस्या हो, तो नगर मित्र तुरंत इसकी जानकारी निगम को देंगे। इससे समस्याओं का ‘क्विक’ समाधान संभव हो सकेगा। नगर निगम को उम्मीद है कि इस पहल से न केवल पटना की रैंकिंग स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर होगी, बल्कि आम नागरिकों में भी अपने शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी का भाव पैदा होगा। ‘नगर मित्र’ बनकर लोग सिर्फ अपने मोहल्ले ही नहीं, बल्कि पूरे पटना के लिए एक मिसाल बन सकेंगे।