Patna flyover : राजधानी पटना में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से अब लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बहुप्रतीक्षित मीठापुर–चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना इस वर्ष दिसंबर तक पूरी होने की संभावना है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद करबिगहिया, मीठापुर, चिरैयाटांड़ और आसपास के इलाकों से रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को जाम की परेशानी से निजात मिलेगी और शहर की यातायात व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगी।


शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना का विस्तृत स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तकनीकी टीम और विभागीय अभियंताओं के साथ परियोजना की प्रगति की गहन समीक्षा की। सचिव ने मीठापुर फ्लाईओवर को चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर से जोड़ने वाले पहुंच पथ और दोनों तरफ बन रहे सर्विस लेन के निर्माण कार्य का बारीकी से जायजा लिया और गुणवत्ता मानकों की जांच की।


निरीक्षण के दौरान पथ निर्माण सचिव ने संवेदक और अभियंताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना को तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही सुरक्षा मानकों का 100 प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।


यह महत्वपूर्ण फ्लाईओवर आर ब्लॉक गोलम्बर से जीपीओ गोलम्बर, मीठापुर गोलम्बर, करबिगहिया स्टेशन होते हुए कंकड़बाग तक विस्तारित होगा। इसके निर्माण से इस पूरे रूट पर वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से हो सकेगी। लगभग 292.74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना की कुल लंबाई 1730 मीटर है और निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।


वर्तमान स्थिति की बात करें तो परियोजना में नींव का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है। वहीं सब-स्ट्रक्चर, सुपर-स्ट्रक्चर और एप्रोच रोड का लगभग 70 प्रतिशत कार्य भी पूरा कर लिया गया है। विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि पहले चरण में जीपीओ गोलम्बर से पुराने बस स्टैंड तक का निर्माण कार्य जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पूरी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने की योजना है।


इस फ्लाईओवर के निर्माण से खासकर करबिगहिया स्टेशन के आसपास लगने वाले भारी जाम से लोगों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। यह मार्ग पटना शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक कॉरिडोर में से एक माना जाता है, जहां रोजाना घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। फ्लाईओवर के बन जाने के बाद इस क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।


परियोजना के पूरा होने के बाद मीठापुर–महुली फ्लाईओवर से आने वाले वाहनों को भी तेज और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी। यह फ्लाईओवर मीठापुर गोलम्बर को सीधे एनएच-30 बाईपास से जोड़ेगा, जिससे बाहरी और अंतर-शहरी वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रवेश किए बिना ही सीधा मार्ग उपलब्ध हो जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि ईंधन खपत और प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है।


इधर, पटना जंक्शन पर भी यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्लेटफॉर्म पाथ-वे पर पहली बार रबरयुक्त ट्रैक क्रॉसिंग (बैरो क्रॉसिंग) का निर्माण किया गया है। यह सुविधा यात्रियों, दिव्यांगजनों, रेलवे कर्मचारियों और पार्सल आवाजाही के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक साबित हो रही है।


महावीर मंदिर की ओर स्थित प्लेटफॉर्म संख्या 1 के पश्चिमी छोर पर बनाई गई यह क्रॉसिंग प्लेटफॉर्म 2, 3, 4 और 5 को जोड़ती है। पारंपरिक गिट्टी आधारित ट्रैक की तुलना में यह नई व्यवस्था अधिक समतल और फिसलन-रोधी है, जिससे यात्रियों के ट्रैक पार करने में सुरक्षा और सहजता दोनों बढ़ गई है।


कुल मिलाकर, मीठापुर–चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर और अन्य परिवहन सुधार परियोजनाएं पटना की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती हैं। आने वाले समय में शहरवासियों को जाम से बड़ी राहत मिलने और आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और आधुनिक होने की उम्मीद है।