Patna Metro : राजधानी पटना में मेट्रो सेवा के विस्तार की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। खेमनीचक से मीठापुर के बीच करीब 3.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर को तैयार किया जा रहा है। इस रूट के शुरू होने के बाद पटना के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ मेट्रो की यात्री क्षमता भी बढ़ेगी। खास बात यह है कि इस नए रूट पर छह बोगी वाली मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी है।

फिलहाल पटना मेट्रो में तीन बोगी वाली ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। यात्रियों की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (PMRCL) ने छह बोगी वाली तीन ट्रेन सेट के लिए पुणे मेट्रो को ऑर्डर दिया है। इन ट्रेन सेट को तीन साल की लीज पर लिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन सेट के दिसंबर तक पटना पहुंचने की उम्मीद है।

खेमनीचक-मीठापुर के बीच चार स्टेशन

खेमनीचक से मीठापुर के बीच बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर का सुपर स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। अब स्टेशन और दूसरे जरूरी कामों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। इस हिस्से में कुल चार स्टेशन—मीठापुर, रामकृष्णा नगर, जगनपुरा और खेमनीचक होंगे।

स्टेशनों पर सिविल वर्क के साथ ट्रैक, लिफ्ट, एस्केलेटर और अन्य सुविधाओं से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। इन कामों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। परियोजना को जून 2027 तक यात्रियों के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस कॉरिडोर के चालू होने से मीठापुर और आसपास के इलाकों के यात्रियों को मेट्रो नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिलेगा। साथ ही खेमनीचक के इंटरचेंज स्टेशन के जरिए यात्री पटना मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

628.32 करोड़ रुपये से रफ्तार पकड़ेगा निर्माण

पटना मेट्रो परियोजना के निर्माण और संचालन को गति देने के लिए राज्य सरकार ने 628.32 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इस राशि का इस्तेमाल खेमनीचक-मीठापुर एलिवेटेड मेट्रो के अलावा मलाही पकड़ी से पटना जंक्शन के बीच बन रहे अंडरग्राउंड सेक्शन के काम को गति देने में किया जाएगा।  राजधानी के व्यस्त इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिहाज से यह हिस्सा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भूमिगत कॉरिडोर तैयार होने के बाद शहर के प्रमुख व्यावसायिक, शैक्षणिक और चिकित्सा केंद्रों तक पहुंच आसान होगी।

मलाही पकड़ी-पटना जंक्शन टनल का काम अंतिम चरण में

मलाही पकड़ी से पटना जंक्शन के बीच करीब 10.54 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 100 मीटर टनल का काम बाकी है। इसे नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस भूमिगत रूट में राजेंद्रनगर, मोइनुल हक स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, पीएमसीएच, गांधी मैदान, आकाशवाणी और पटना जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल होंगे। पूरे हिस्से को वर्ष 2028 तक पूरा करने की योजना है।

अक्टूबर में खुल सकता है खेमनीचक इंटरचेंज

खेमनीचक स्टेशन पटना मेट्रो के लिए सबसे महत्वपूर्ण इंटरचेंज स्टेशनों में से एक बनने जा रहा है। इसे अक्टूबर में यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी है। यहां कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 आपस में जुड़ेंगे। तीन मंजिला इस स्टेशन पर यात्री एक कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर में मेट्रो बदल सकेंगे। इससे पटना के अलग-अलग हिस्सों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

रुकनपुरा-दानापुर सेक्शन पर भी काम तेज

पटना मेट्रो के दूसरे हिस्सों में भी निर्माण कार्य जारी है। पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक अंडरग्राउंड मेट्रो का काम शुरू करने की तैयारी है, जबकि रुकनपुरा से दानापुर के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण चल रहा है। वहीं, पटना जंक्शन से मीठापुर को जोड़ने वाली अंडरग्राउंड टनल का काम अभी शुरू होना बाकी है।

पटना मेट्रो की पूरी परियोजना करीब 32.50 किलोमीटर लंबी है। इसमें दानापुर से पटना सिटी तक का बड़ा इलाका शामिल है। परियोजना के अलग-अलग हिस्सों के पूरा होने के साथ राजधानी में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क मजबूत होगा।

छह बोगी की ट्रेन से बढ़ेगी यात्री क्षमता

पटना में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होने के साथ यात्रियों की संख्या बढ़ना तय माना जा रहा है। ऐसे में तीन बोगी की तुलना में छह बोगी वाली ट्रेनें ज्यादा यात्रियों को एक साथ सफर करा सकेंगी। इससे पीक आवर में भीड़ को संभालने में मदद मिलेगी और मेट्रो की क्षमता बढ़ेगी।

यानी आने वाले समय में पटना मेट्रो सिर्फ नए इलाकों को जोड़ने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ज्यादा यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और बेहतर कनेक्टिविटी देने वाले परिवहन विकल्प के रूप में अपनी भूमिका मजबूत करेगी। खेमनीचक-मीठापुर कॉरिडोर के जून 2027 तक शुरू होने और अन्य भूमिगत हिस्सों के पूरा होने के बाद पटना के लोगों को शहर के एक बड़े हिस्से में मेट्रो से सफर की सुविधा मिलने की उम्मीद है।