Patna Metro Update : पटना में मेट्रो निर्माण के दौरान लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत देने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राजधानी के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल नेहरू पथ (बेली रोड) पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जाए। इसके लिए जरूरत के अनुसार सड़क चौड़ीकरण, जंक्शन सुधार और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाएगी।

पटना मेट्रो परियोजना राजधानी के परिवहन ढांचे को बदलने वाली महत्वपूर्ण योजना है। लेकिन निर्माण कार्य के कारण कई जगहों पर सड़कें प्रभावित हो रही हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को देखते हुए सरकार ने पहले से ही ट्रैफिक मैनेजमेंट की तैयारी शुरू कर दी है।

नेहरू पथ के 11 हिस्सों की हुई पहचान

पथ निर्माण विभाग और पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से नेहरू पथ पर 11 ऐसे स्ट्रेच चिन्हित किए गए हैं, जहां मेट्रो निर्माण के दौरान यातायात प्रभावित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन सभी स्थानों का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। जहां आवश्यकता होगी, वहां सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके अलावा जाम वाले स्थानों पर जंक्शन सुधार, गड्ढों और संकरे रास्तों की समस्या को दूर करने तथा ट्रैफिक फ्लो बेहतर बनाने के लिए जरूरी काम किए जाएंगे।

मेट्रो निर्माण से आम लोगों को कम हो परेशानी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पटना मेट्रो जैसी बड़ी परियोजना के निर्माण के दौरान आम लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य के कारण लोगों के आवागमन में अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए। जिन जगहों पर निर्माण कार्य के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है, वहां पहले से वैकल्पिक मार्गों की पहचान की जाए। साथ ही इन वैकल्पिक रास्तों को भी बेहतर स्थिति में तैयार किया जाए, ताकि वाहन चालकों और आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

सड़क किनारे गतिविधियों को किया जाएगा व्यवस्थित

नेहरू पथ पर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सड़क किनारे होने वाली गतिविधियों को भी व्यवस्थित करने की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपयुक्त वेंडिंग जोन की पहचान की जाए, ताकि सड़क पर अव्यवस्था कम हो और यातायात सुचारु रूप से चलता रहे। अक्सर व्यस्त सड़कों पर अस्थायी दुकानें, ठेले और अनियोजित पार्किंग के कारण जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में सरकार अब ट्रैफिक व्यवस्था के साथ-साथ सड़क किनारे की गतिविधियों को भी व्यवस्थित करने पर जोर दे रही है।

विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण विभाग, पटना मेट्रो से जुड़ी एजेंसियों, जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर एक व्यापक ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार करें और उसे समय पर लागू करें। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सड़क चौड़ीकरण, वैकल्पिक मार्ग, ट्रैफिक सुधार और निर्माण कार्यों से जुड़े सभी पहलुओं पर तेजी से काम किया जाए।

पटना मेट्रो से बदलेगी राजधानी की तस्वीर

पटना मेट्रो को राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने वाली बड़ी परियोजना माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद शहर में सड़क यातायात का दबाव कम होने और लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि निर्माण अवधि के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखना बड़ी चुनौती है। सरकार का प्रयास है कि विकास कार्य भी तेजी से चलते रहें और आम नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में विकास परियोजनाओं के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। पटना मेट्रो निर्माण के दौरान नेहरू पथ सहित प्रभावित क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम समयबद्ध तरीके से उठाए जाएंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार सहित जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।