Bihar News :  बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र से पुलिस पर हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है। शराब पीकर हंगामा कर रहे दो लोगों को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर उस समय हमला हो गया, जब महिला सिपाहियों ने आरोपितों के परिजनों को वीडियो बनाने से रोक दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि महिला सिपाहियों के साथ मारपीट की गई और उनकी सरकारी राइफल छीनने की भी कोशिश की गई।


पुलिस के अनुसार, घटना मसौढ़ी थाना क्षेत्र के श्यामनगर की है। शुक्रवार रात गश्ती के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में दो युवक शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहे हैं और लोगों को परेशान कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच की। जांच में शराब पीने की पुष्टि होने के बाद उन्हें थाना लाया जा रहा था।


इसी दौरान हिरासत में लिए गए युवकों के कुछ परिजन और परिचित वहां पहुंच गए। उन्होंने पूरी कार्रवाई का वीडियो बनाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि महिला सिपाहियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई।


आरोप है कि हमलावरों ने महिला सिपाहियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस दौरान उन्हें चोटें भी आईं। इतना ही नहीं, सरकारी हथियार छीनने का प्रयास भी किया गया। हालांकि मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभाला और अतिरिक्त बल की मदद से सभी आरोपितों को काबू में ले लिया।


घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें शराब पीने के आरोप में पकड़े गए दो युवक और हमला करने के आरोप में चार अन्य लोग शामिल हैं। सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


इस मामले में सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) ललन कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में सरकारी कार्य में बाधा डालने, महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट और सरकारी हथियार छीनने का प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच भी की जा रही है ताकि यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।


स्थानीय लोगों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला गंभीर चिंता का विषय है। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।