Patna Traffic News: पटना में पाटलिपुत्र बस टर्मिनल आने-जाने वाले यात्रियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. मसौढ़ी रोड मोड़ से जीरो माइल की ओर जाने वाली दाहिनी सर्विस लेन को 15 नवंबर से वाहनों के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क की पक्की ढलाई का काम शुरू कर दिया है. सर्विस लेन तैयार होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही आसान होने और जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है.


15 नवंबर से शुरू हो सकता है वाहनों का परिचालन

पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के पहुंच पथ पर मसौढ़ी रोड मोड़ से जीरो माइल की ओर दाहिनी तरफ की सर्विस लेन पर पक्की ढलाई का काम कराया जा रहा है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 15 नवंबर से इस लेन को वाहनों के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है. इससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्ता मिलने के साथ यातायात व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद है.


जिलाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देश पर NHAI ने सर्विस लेन की पक्की ढलाई का काम शुरू किया है. डीएम ने NHAI के परियोजना निदेशक को मसौढ़ी रोड मोड़ से जीरो माइल की ओर जाने वाली सर्विस लेन की स्थिति सुधारने का निर्देश दिया था. इसके अलावा मेट्रो पुल के नीचे से जीरो माइल तक क्षतिग्रस्त सर्विस लेन की मरम्मत और पक्की ढलाई कराने को भी कहा गया है.


डीएम ने निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के साथ सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखने का निर्देश दिया है. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि काम समय पर पूरा हो, ताकि जल्द से जल्द यातायात शुरू कराया जा सके.


योजना के तहत फिलहाल दाहिनी ओर की सर्विस लेन में पक्की ढलाई का काम चल रहा है. इस हिस्से का काम पूरा होने के बाद बायीं ओर की सर्विस लेन में भी पक्की ढलाई कराई जाएगी. दोनों तरफ की सर्विस लेन दुरुस्त होने के बाद इस पूरे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है.


मसौढ़ी रोड मोड़ से जीरो माइल के बीच सर्विस लेन की स्थिति खराब होने और यातायात संबंधी बाधाओं के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. खासकर पाटलिपुत्र बस टर्मिनल आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह रास्ता महत्वपूर्ण है.


सर्विस लेन की पक्की ढलाई और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत पूरी होने के बाद वाहनों की आवाजाही बेहतर होने की उम्मीद है. इससे सड़क पर यातायात का दबाव कम करने और जाम की समस्या से राहत दिलाने में भी मदद मिल सकती है.