Patna Tourism : बिहार की राजधानी पटना आने वाले पर्यटकों के लिए जल्द ही एक नया और शानदार पर्यटन अनुभव शुरू होने जा रहा है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम शहर भ्रमण को पहले से अधिक आरामदायक, आधुनिक और यादगार बनाने की तैयारी में है। इसके तहत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लग्जरी कैरावैन बसों के जरिए पर्यटक पूरे दिन पटना के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। खास बात यह है कि इस पैकेज में सड़क यात्रा के साथ गंगा में स्पीड बोट राइड का विकल्प भी मिलेगा, जिससे राजधानी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को एक नए अंदाज में देखने का अवसर मिलेगा।
पर्यटन निगम की ओर से तैयार किए गए इस विशेष "पटना दर्शन" पैकेज के तहत सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक पर्यटक एयर कंडीशन्ड लग्जरी कैरावैन में शहर की सैर कर सकेंगे। यात्रा के दौरान तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारा, बिहार म्यूजियम, बापू टावर, गोलघर, सभ्यता द्वार समेत पटना के कई प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। यदि पर्यटक चाहें तो जेपी गंगा पथ स्थित दीघा घाट पर रुककर गंगा में स्पीड बोट राइड का रोमांच भी ले सकेंगे। हालांकि इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा।
एक बार में 12 पर्यटक कर सकेंगे सफर
पर्यटन निगम के अनुसार, एक कैरावैन बस में अधिकतम 12 लोग एक साथ यात्रा कर सकते हैं। फिलहाल इसकी बुकिंग ऑफलाइन होगी और इच्छुक लोगों को दारोगा राय पथ स्थित बिहार पर्यटन निगम कार्यालय जाकर आवेदन करना होगा। बस के साथ ड्राइवर, हेल्पर और ईंधन की व्यवस्था निगम की ओर से की जाएगी। यदि कोई पर्यटक प्रशिक्षित गाइड की सेवा लेना चाहता है तो इसके लिए 1500 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
5-स्टार होटल जैसी सुविधाओं से लैस है कैरावैन
इन आधुनिक कैरावैन बसों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को चलते-फिरते होटल जैसा अनुभव मिल सके। पूरी तरह एयर कंडीशन्ड इस बस में सुरक्षा के लिए छह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यात्रियों के आराम को ध्यान में रखते हुए इसमें ऑटोमेटिक फोल्डेबल एंट्री स्टेप्स, चार रिक्लाइनर सीटें, तीन सीटर सोफा और चार स्लीपर बर्थ उपलब्ध कराए गए हैं।
रिक्लाइनर सीटें पूरी तरह मोटराइज्ड हैं, जिन्हें जरूरत के अनुसार एडजस्ट किया जा सकता है। कुछ सीटें 360 डिग्री तक घूमने की सुविधा भी देती हैं। हर सीट के साथ स्नैक्स टेबल, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और मोटराइज्ड पर्दे लगाए गए हैं, जिन्हें केवल एक बटन दबाकर खोला और बंद किया जा सकता है।
मनोरंजन और स्टोरेज की भी बेहतरीन व्यवस्था
यात्रियों के मनोरंजन के लिए मुख्य केबिन में 43 इंच का स्मार्ट टीवी लगाया गया है। वहीं स्लीपर सेक्शन में प्रत्येक बर्थ के लिए अलग स्क्रीन उपलब्ध कराई गई है। सामान रखने के लिए एयरक्राफ्ट स्टाइल ओवरहेड हैटरैक केबिन बनाए गए हैं, जबकि सोफे के नीचे अतिरिक्त स्टोरेज स्पेस दिया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी एग्जिट की सुविधा भी बस में मौजूद है।
चलते-फिरते किचन की सुविधा
इस कैरावैन की सबसे खास विशेषताओं में इसका आधुनिक किचन भी शामिल है। यहां इंडक्शन कुकटॉप, फ्रिज, माइक्रोवेव ओवन, वाटर कूलर और वॉश बेसिन की सुविधा दी गई है। किचन में कई स्टोरेज कंपार्टमेंट बनाए गए हैं, जहां बर्तन और अन्य जरूरी सामान रखा जा सकता है। इसका फायदा यह होगा कि लंबी यात्रा के दौरान यात्रियों को भोजन के लिए होटल या रेस्टोरेंट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
आरामदायक बेडरूम और आधुनिक बाथरूम
कैरावैन के स्लीपर सेक्शन में एक साथ चार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक बर्थ पर ऑर्थोपेडिक मैट्रेस लगाया गया है, जो कमर दर्द या सर्वाइकल जैसी समस्याओं वाले यात्रियों के लिए भी आरामदायक माना जाता है। इसके अलावा हर बर्थ पर रीडिंग लैंप, एयर वेंट, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट और मोटराइज्ड कर्टन की सुविधा उपलब्ध है। बाथरूम में मरीन टॉयलेट, शॉवर, वॉश बेसिन और गर्म-ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। वहीं यात्रियों के लिए अलग ड्रेसिंग एरिया भी बनाया गया है, जहां बड़ा शीशा और कॉस्मेटिक रखने के लिए शेल्फ उपलब्ध है।
2.18 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई हैं दो कैरावैन
बिहार पर्यटन निगम ने करीब 2 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से दो अत्याधुनिक कैरावैन बसें खरीदी हैं। दोनों वाहनों को ऑल इंडिया परमिट मिला हुआ है। इन्हें केवल पटना दर्शन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पर्यटक इनकी बुकिंग कर बिहार और देश के अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा भी कर सकेंगे।
बुकिंग के लिए न्यूनतम 250 किलोमीटर की शर्त रखी गई है। किराया 75 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है, जिस पर 5 प्रतिशत जीएसटी अलग से देना होगा। इन कैरावैन बसों से पर्यटक पटना के अलावा गयाजी, राजगीर, बक्सर, नवादा, बांका, जहानाबाद और वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा भी कर सकेंगे।
फिलहाल इस विशेष "पटना दर्शन" पैकेज को अंतिम स्वीकृति के लिए विभाग के पास भेजा गया है। मंजूरी और किराया निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होते ही यह सेवा आम पर्यटकों के लिए शुरू कर दी जाएगी। पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि यह पहल बिहार में पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।