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Patna LPG Crisis : पटना में LPG संकट बेकाबू! 6 दिनों में 21 हजार सिलेंडर बैकलॉग, 10 दिन तक इंतजार से लोग परेशान, अब मुख्य सचिव ने दिया यह आदेश

पटना में एलपीजी गैस संकट गहराता जा रहा है। महज 6 दिनों में 21 हजार से ज्यादा सिलेंडरों का बैकलॉग बढ़ गया है, जिससे लोगों को 10 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है और परेशानी लगातार बढ़ रही है।

07-Apr-2026 08:20 AM

By First Bihar

Patna LPG Crisis : पटना में एलपीजी गैस की किल्लत अब गंभीर संकट का रूप ले चुकी है। तेल कंपनियों के दावों के बावजूद शहर की सप्लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई है। महज छह दिनों के भीतर गैस सिलेंडरों का बैकलॉग 21 हजार से ज्यादा बढ़कर 1.63 लाख के पार पहुंच गया है, जिससे आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।


स्थिति यह हो गई है कि जो सिलेंडर पहले बुकिंग के दो-तीन दिनों में मिल जाया करता था, उसके लिए अब लोगों को 10 दिनों से भी अधिक इंतजार करना पड़ रहा है। शहर के विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जो इस संकट की गंभीरता को साफ तौर पर दर्शाती हैं।


इस बढ़ते संकट को देखते हुए बिहार सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सीएमजी) की आपात बैठक बुलाई। बैठक में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में आम जनता की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द से जल्द बैकलॉग खत्म किया जाए।


मुख्य सचिव ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पाइपलाइन के धीमे कामकाज पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने साफ कहा कि अगर मिशन मोड में काम नहीं हुआ और तय लक्ष्य पूरे नहीं किए गए, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं को किसी भी बहाने से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


भविष्य में ऐसे संकट से बचने के लिए सरकार पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसके तहत आईटीआई के छात्रों और प्लंबरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि शहर के अधिक से अधिक घरों तक पाइप के जरिए गैस पहुंचाई जा सके और सिलेंडरों पर निर्भरता कम हो।


इधर, घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। सोमवार को पटना के 16 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें छह गैस एजेंसियां भी जांच के दायरे में आईं। इस दौरान दो होटलों के खिलाफ घरेलू सिलेंडर के अवैध इस्तेमाल को लेकर एफआईआर दर्ज की गई। अब तक की कार्रवाई में कुल 22 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 121 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।


आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 अप्रैल को पटना में गैस का बैकलॉग 1.42 लाख था, जो 6 अप्रैल तक बढ़कर 1.63 लाख पहुंच गया। यह स्पष्ट संकेत है कि मांग के मुकाबले सप्लाई बेहद कम है। सोमवार को 30 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई, लेकिन सप्लाई बेहद सीमित रही। इंडियन ऑयल और एचपीसीएल से एक भी सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो सकी, जबकि बीपीसीएल से केवल 6,736 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा आरा के गिद्धा बॉटलिंग प्लांट में साप्ताहिक अवकाश के कारण भी सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे संकट और गहरा गया।


कुल मिलाकर, पटना में एलपीजी संकट अब प्रशासन और तेल कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यदि जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों की दैनिक जिंदगी पर पड़ेगा।