Bihar News : पटना में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। राजधानी के पॉश इलाकों में भी अब लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। ताजा मामला पटना के कंकड़बाग इलाके से सामने आया है, जहां राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक राहुल कुमार के भाई रोहित कुमार से दिनदहाड़े चेन लूट की घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।


जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह रोहित कुमार कंकड़बाग इलाके से गुजर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। दोनों बदमाश हेलमेट पहने हुए थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अपराधी काफी तेजी से आए और देखते ही देखते रोहित कुमार के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हो गए। पूरी घटना कुछ ही सेकेंड में हुई और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले बदमाश मौके से भाग निकले।


घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रोहित कुमार ने तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही कंकड़बाग थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। शुरुआती जांच में पता चला है कि अपराधियों ने पहले से रेकी की थी और सुनसान मोड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई जा रही है। इसके अलावा बाइक के रूट और संदिग्धों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


हालांकि इस घटना ने एक बार फिर पटना की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी में लगातार लूट, चोरी और छिनतई की घटनाएं सामने आ रही हैं। खासकर सुबह और देर शाम बाइक सवार अपराधी राह चलते लोगों को निशाना बना रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि अपराधियों में पुलिस का डर खत्म होता जा रहा है।


स्थानीय लोगों ने बताया कि कंकड़बाग जैसे व्यस्त इलाके में इस तरह की घटना होना बेहद चिंताजनक है। लोगों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधियों के परिवार के लोग भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। घटना के बाद इलाके के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।


राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि बिहार में अपराधियों का मनोबल बढ़ चुका है और सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। वहीं पुलिस प्रशासन लगातार अपराध नियंत्रण के दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है।


फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के सहारे अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले का खुलासा कब तक कर पाती है और राजधानी में बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।