Patna News : बिहार की राजधानी पटना में बढ़ते वायु प्रदूषण और लगातार बिगड़ती स्वच्छता व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाए हैं। शहर में खुले में कचरा फेंकने और कचरे को जलाने की प्रथा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिनका उद्देश्य शहर की हवा को साफ करना और गंदगी की समस्या पर नियंत्रण पाना है।


नए नियमों के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति या संस्था घर, दुकान या किसी भी व्यावसायिक परिसर का कचरा खुले स्थानों, सड़क किनारे या खाली प्लॉट में नहीं फेंक सकेगा। इसके अलावा कचरे को इकट्ठा करके जलाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। ऐसा करने वालों के खिलाफ न केवल आर्थिक दंड लगाया जाएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई करते हुए सीधे FIR भी दर्ज की जाएगी।


प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने यह स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल आम नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़े कचरा उत्पादकों पर विशेष रूप से लागू होंगे। शहर के बड़े शॉपिंग मॉल, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, संस्थान और आवासीय अपार्टमेंट्स को अब अपने कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी स्वयं उठानी होगी। इन संस्थानों को कचरे को अलग-अलग (गीला और सूखा) करके वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन का कहना है कि अब नगर निगम पर पूरी तरह निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। हर बड़े संस्थान को अपने स्तर पर कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करनी होगी, ताकि शहर की सड़कों पर कचरे का ढेर न लगे और स्वच्छता बनी रहे।


इस व्यवस्था को और सख्त बनाने के लिए सरकार ने प्रमाणन प्रक्रिया भी अनिवार्य कर दी है। अब सभी बड़े संस्थानों और अपार्टमेंट्स को स्थानीय निकाय, जैसे पटना नगर निगम, से ईपीआर (Extended Producer Responsibility) प्रमाण पत्र लेना जरूरी होगा। यह प्रमाण पत्र इस बात का प्रमाण होगा कि संबंधित संस्था कचरे के निस्तारण के नियमों का पालन कर रही है।


जिन संस्थानों के पास यह ईपीआर सर्टिफिकेट नहीं होगा या जो कचरा प्रबंधन के मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया और कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है।


बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों के अनुसार यह कदम पटना को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। खासकर सर्दियों के मौसम में शहर में कचरा जलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) तेजी से गिर जाता है और हवा जहरीली हो जाती है।


अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस सख्ती के बाद शहर में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था सुधरेगी और वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और स्वच्छ पटना बनाने में प्रशासन का सहयोग करें। इस नए नियम के लागू होने के बाद अब पटना में स्वच्छता को लेकर जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है, और प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।