Patna Junction : पटना जंक्शन स्थित मल्टी मॉडल हब में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए प्रशासन ने नई गाइडलाइन लागू कर दी है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से जारी निर्देशों के तहत अब सरकारी और निजी बसों के संचालन के लिए कई सख्त नियम लागू किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य जाम की समस्या को कम करना और यात्रियों की आवाजाही को सुचारू बनाना है।


नई व्यवस्था के अनुसार अब मल्टी मॉडल हब से निकलने वाली सभी बसों को केवल एग्जिट गेट नंबर-2 का ही इस्तेमाल करना होगा। पहले कई बसें अलग-अलग रास्तों से निकलती थीं, जिससे परिसर के बाहर ट्रैफिक दबाव बढ़ जाता था। अब एक तय मार्ग से बसों के संचालन की व्यवस्था लागू होने के बाद यातायात नियंत्रण आसान होने की उम्मीद जताई जा रही है।


इसके साथ ही बसों की पार्किंग को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी बस गेट के बिल्कुल पास खड़ी नहीं होगी। सभी बसों को निर्धारित स्थान पर, गेट से लगभग 12 मीटर पहले ही पार्क करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि कई बार प्रवेश और निकास द्वार के पास बसों के खड़े रहने से यात्रियों को परेशानी होती थी और जाम की स्थिति बन जाती थी। अब ऐसी स्थिति पाए जाने पर संबंधित बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


प्रशासन ने यह भी तय किया है कि मल्टी मॉडल हब से निकलने के बाद कोई भी बस रास्ते में अनावश्यक रूप से नहीं रुकेगी। खास तौर पर जीपीओ तक बसों के ठहराव पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों के अनुसार कई बसें यात्रियों को बैठाने या उतारने के लिए बीच रास्ते में रुक जाती थीं, जिससे सड़क पर ट्रैफिक प्रभावित होता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों पर निगरानी रखी जाएगी।


बसों में इस्तेमाल होने वाले प्रेशर हॉर्न पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से बसों की जांच करेंगे। अगर किसी बस में नियमों के विरुद्ध प्रेशर हॉर्न पाया गया तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का मानना है कि तेज आवाज वाले हॉर्न से यात्रियों और आसपास के लोगों को काफी परेशानी होती है।


यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मल्टी मॉडल हब के प्रवेश द्वार पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिसकर्मी बसों की आवाजाही पर नजर रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि यात्रियों के आने-जाने का रास्ता बाधित न हो। प्रशासन ने कहा है कि स्टेशन परिसर में किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


इसके अलावा सभी निजी बस मालिकों को एक सप्ताह के भीतर जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है। इसमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन और परमिट से जुड़े कागजात शामिल हैं। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है।


संचालन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए मल्टी मॉडल हब प्रशासन और निजी बस संचालकों के बीच एक कॉमन व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा। इसके जरिए जरूरी सूचनाएं और निर्देश तुरंत साझा किए जाएंगे। प्रशासन ने साफ कहा है कि अवैध पार्किंग, बिना अनुमति वाहन प्रवेश और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।