Jagannath Rath Yatra : राजधानी पटना गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में सराबोर नजर आएगी। शहर के विभिन्न धार्मिक संस्थानों की ओर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्राएं निकाली जाएंगी। इस दौरान हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। रथयात्रा को लेकर प्रशासन और आयोजकों ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।


सबसे प्रमुख रथयात्रा बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तत्वावधान में गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी से निकाली जाएगी। इस आयोजन को लेकर धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन ने बताया कि रथयात्रा का शुभारंभ दोपहर 3 बजे होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार रथयात्रा मार्ग पर झाड़ू लगाकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद वे भगवान जगन्नाथ को छप्पन भोग अर्पित कर पूजा-अर्चना करेंगे।


इस धार्मिक आयोजन में बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल समेत कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है।


बेगूसराय से मंगाया गया 40 फीट ऊंचा हाइड्रोलिक रथ

आयोजकों के अनुसार भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा की काष्ठ प्रतिमाएं विशेष रूप से जगन्नाथपुरी से लाई गई हैं। वहीं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनने वाला करीब 40 फीट ऊंचा हाइड्रोलिक रथ बेगूसराय से मंगाया गया है। रथ को रंग-बिरंगे फूलों और पारंपरिक सजावट से भव्य रूप दिया गया है।


रथयात्रा शुरू होने से पहले विधिवत पूजा, आरती और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान को रथ पर विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद यात्रा गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी से निकलकर मीठापुर, अनीसाबाद, कच्ची तालाब और बेऊर मोड़ होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी। यात्रा के समापन पर भगवान की महाआरती की जाएगी। इसके बाद छप्पन भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।


कोलकाता और वृंदावन से आएंगे कलाकार

रथयात्रा को और भी आकर्षक बनाने के लिए कोलकाता से विशेष पुष्प सजावट कराई गई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के मायापुर से मृदंग वादकों की टोली तथा वृंदावन से प्रसिद्ध कीर्तन मंडली को आमंत्रित किया गया है। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन, संकीर्तन और धार्मिक संगीत से भक्तिमय वातावरण बना रहेगा।


इस्कॉन मंदिर से भी निकलेगी भव्य रथयात्रा

बुद्धमार्ग स्थित अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) मंदिर की ओर से भी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा दोपहर 2 बजे मंदिर परिसर से शुरू होगी। रथयात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की महाआरती की जाएगी। इसके बाद भगवान को 108 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया जाएगा। इस आयोजन के लिए भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आमंत्रित किया गया है। इस्कॉन मंदिर में मायापुर सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए कीर्तनिया समूह संकीर्तन प्रस्तुत करेंगे। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।


श्री गौड़ीय मठ से निकलेगी 93वीं रथयात्रा

मीठापुर स्थित श्री गौड़ीय मठ मंदिर में भी भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। सुबह भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी का विशेष श्रृंगार, पूजन और आरती संपन्न होगी। शाम 6 बजे भगवान रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में 93वीं श्री जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाएगी। यात्रा के समापन पर भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।


प्रशासन और आयोजकों ने की विशेष व्यवस्था

तीनों प्रमुख रथयात्राओं को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। वहीं आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए धार्मिक आयोजन में भाग लें।


भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को लेकर राजधानी पटना में उत्साह का माहौल है। हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन और रथ खींचने के लिए सुबह से ही मंदिरों में पहुंचेंगे। धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक परंपरा का यह महापर्व एक बार फिर राजधानी को आध्यात्मिक रंग में रंगने के लिए तैयार है।