Bihar News: बिहार की राजधानी पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान IGIMS में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी हंगामा और तनाव का माहौल बना रहा। जूनियर इंजीनियर समेत तीन कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट मामले में पुलिस द्वारा देर रात दो मेडिकल छात्रों को हिरासत में लिए जाने के बाद जूनियर डॉक्टर और छात्र भड़क उठे। गुस्साए छात्रों ने सुबह अस्पताल की ओपीडी सेवा बंद करवा दी, जिससे इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जरूरी ऑपरेशन भी प्रभावित हुए और कुछ सर्जरी टालनी पड़ीं।


बताया जा रहा है कि गुरुवार देर रात करीब दो बजे पुलिस मेडिकल छात्र शौर्य और सुजीत कुमार को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। जैसे ही इसकी जानकारी अन्य छात्रों को मिली, अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर और मेडिकल छात्र अस्पताल परिसर में जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने पहले रजिस्ट्रेशन काउंटर पर काम बाधित किया, फिर ओपीडी सेवा बंद करा दी। इससे दूर-दराज से इलाज के लिए पहुंचे मरीज घंटों परेशान रहे।


दरअसल, IGIMS में पिछले चार दिनों से लगातार विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। विवाद की शुरुआत मंगलवार को हुई थी, जब मेडिकल छात्र सुजीत कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई। इसके विरोध में बुधवार को जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और इमरजेंसी व ओपीडी सेवाओं को प्रभावित किया। मामला शांत भी नहीं हुआ था कि गुरुवार को एक और बड़ा विवाद सामने आ गया।


गुरुवार को इंजीनियरिंग विभाग के जूनियर इंजीनियर रिशु मिश्रा, उनके पिता अशोक मिश्रा और दो अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि कुछ जूनियर डॉक्टरों ने इलेक्ट्रिकल विभाग में घुसकर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस हमले में रिशु मिश्रा का सिर फट गया, जबकि अन्य कर्मचारी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में ही कराया गया।


जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ बुधवार शाम रेडियोलॉजी विभाग में एसी ठीक करने के दौरान हुई कहासुनी को बताया जा रहा है। जूनियर इंजीनियर रिशु मिश्रा सेंट्रल एसी की मरम्मत के लिए वहां पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ जूनियर डॉक्टरों से उनकी बहस हो गई। बाद में रिशु मिश्रा ने संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार से शिकायत भी की थी, लेकिन आरोप है कि प्रशासन की ओर से तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद मामला और बढ़ गया और अगले दिन मारपीट की घटना हो गई।


मारपीट की पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में कुछ लोग हाथ में डंडा लेकर कर्मचारियों पर हमला करते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कई मरीज और उनके परिजन डर के कारण वार्ड से बाहर निकल आए। अस्पताल कर्मियों में भी दहशत का माहौल देखने को मिला।


सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घायलों का बयान दर्ज किया और सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने देर रात दो मेडिकल छात्रों को हिरासत में लिया, जिसके बाद शुक्रवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।


इस पूरे घटनाक्रम के कारण सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को झेलनी पड़ी। सुबह से ही ओपीडी बंद रहने के कारण कई मरीज बिना इलाज वापस लौट गए। वहीं जिन मरीजों की सर्जरी तय थी, उनमें से कई के ऑपरेशन टाल दिए गए। अस्पताल प्रशासन हालात को सामान्य करने की कोशिश में जुटा रहा।