Patna Graduate MLC Election: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन सीट को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर सियासी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को एक बार फिर मैदान में उतारने की तैयारी के बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान कर दिया है। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है।

ताजा घटनाक्रम में नीरज कुमार ने अनंत सिंह की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों पर खुलकर जवाब दिया है। नीरज कुमार ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन को लेकर कितने भी आरोप लगाए जाएं, वह उन्हें स्वीकार करने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति गंगा में घुसकर भी उनके बारे में यह कहे कि वह गलत हैं, तब भी वह इस तरह के आरोपों को स्वीकार नहीं करेंगे।

‘मैं अपराधी के लिए राजनीति में कहर हूं’

नीरज कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वह अपराधियों के खिलाफ राजनीति करने वाले व्यक्ति रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी की दया के पात्र नहीं रहे हैं और उनका ऐसे व्यक्ति से न कभी संबंध रहा है और न ही कोई लेना-देना रहा है।नीरज कुमार ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन पारदर्शी रहा है और वह ऐसा कोई काम नहीं करते, जिसे लेकर उन्हें बाद में सफाई देनी पड़े। उनके मुताबिक, आरोप लगाने से किसी व्यक्ति के चरित्र पर सवाल खड़ा नहीं हो जाता।

AK-47 वाले आरोप पर नीरज का पलटवार

दरअसल, अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर आरोप लगाया था कि उनके घर पर AK-47 रखवाकर उन्हें जेल भिजवाया गया था। अनंत सिंह ने इस आरोप के साथ नीरज कुमार को नार्को टेस्ट की चुनौती भी दी थी। अब इसी आरोप पर नीरज कुमार ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यदि वह नार्को टेस्ट करवाना चाहते हैं तो करवा सकते हैं, इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है। यदि उनके पास इसका कोई सबूत है तो कोर्ट जाएं। जाइए कोर्ट, जाओ कोर्ट। किसी पर अनर्गल आरोप लगाते हैं, चरित्र हनन करते हैं। नार्को टेस्ट कोर्ट का अधिकार है, जाकर आवेदन दीजिए। हिम्मत है तो आवेदन दीजिए। खबरदार! जीवन में मैंने आरोप नहीं झेला है। मेरा जीवन पारदर्शी है। मैं ऐसा घिनौना काम नहीं करता हूं। 


‘न धन है, न बाहुबली, मेरे पास जनबल है’

पटना स्नातक सीट के चुनाव को लेकर जब नीरज कुमार से उनकी चुनावी ताकत और मुकाबले को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी चुनाव लड़े हैं और लगातार चुनावी मैदान में रहे हैं।नीरज कुमार ने कहा कि वह कार्यकर्ताओं के बल पर चुनाव लड़ते हैं। उनके पास न धनबल है और न ही बाहुबल। उन्होंने कहा कि उनके पास जनबल है और वह इसी के आधार पर राजनीति करते हैं।उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने हर चुनौती को स्वीकार किया है और इस बार भी वह चुनौती से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

‘बचपन से नीतीश कुमार के साथ रहा हूं’

नीरज कुमार ने अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों की भी बात की। उन्होंने कहा कि वह बचपन से नीतीश कुमार के साथ रहे हैं।नीरज कुमार के मुताबिक, राजनीतिक जीवन में कई लोग समय और परिस्थितियों के अनुसार अपना प्लेटफॉर्म बदलते रहे, लेकिन वह अपनी जगह पर खड़े रहे और नीतीश कुमार के साथ बने रहे। उन्होंने कहा कि पार्टी का आज उन पर भरोसा दिखाना उनके लंबे राजनीतिक सफर और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है।

अनंत सिंह ने क्यों खोला मोर्चा?

पटना स्नातक निर्वाचन सीट को लेकर विवाद की शुरुआत उस समय और तेज हुई, जब अनंत सिंह ने जेडीयू के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया।अनंत सिंह का कहना है कि उनका विरोध जेडीयू से नहीं बल्कि नीरज कुमार से है। उन्होंने पुराने राजनीतिक मतभेदों का हवाला देते हुए कहा कि नीरज कुमार ने कई मौकों पर उनका विरोध किया है।अनंत सिंह ने दावा किया कि नीरज कुमार ने उनका चार बार विरोध किया। उन्होंने पुराने वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि उन बयानों को देखा जा सकता है, जिनमें नीरज कुमार ने उनके खिलाफ टिप्पणी की थी। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी किसी अपराधी को टिकट देती है तो वह उसके लिए वोट नहीं मांगेंगे। इसके अलावा उन्होंने ‘मोकामा की तकदीर पर टेटन’ वाले पुराने बयान का भी उल्लेख किया।

‘यह पार्टी का चुनाव नहीं है’

अनंत सिंह ने नीरज कुमार के उस बयान पर भी आपत्ति जताई थी, जिसमें निर्दलीय उम्मीदवारों को पोलिंग एजेंट मिलने की दिक्कत की बात कही गई थी।अनंत सिंह का कहना था कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सामान्य पार्टी सिंबल वाला चुनाव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वह पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते थे, तब नीरज कुमार ने उनका विरोध किया था।उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने पार्टी की बैठक में सिर्फ यह पूछा था कि आखिर उनकी गलती क्या है, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन को लेकर अनंत सिंह का दावा

अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने जेडीयू का विरोध नहीं किया है। उनका दावा है कि उनका व्यक्तिगत मतभेद नीरज कुमार के साथ है और इसी वजह से उन्होंने डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने का फैसला किया।अनंत सिंह ने कहा कि वह यह दिखाना चाहते हैं कि बिना किसी पार्टी के सिंबल के भी चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने अपने पुराने चुनावी अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वह मोकामा से निर्दलीय चुनाव जीत चुके हैं और उन्हें पार्टी के सिंबल की जरूरत नहीं है।

‘जितना काबू है लगा लें’

पटना स्नातक सीट को लेकर अनंत सिंह ने नीरज कुमार को खुली राजनीतिक चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार अपनी पूरी ताकत लगा लें और इसके बाद देखा जाएगा कि चुनाव कैसे जीता जाता है।इधर, नीरज कुमार भी पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। वह अपने संगठनात्मक आधार, कार्यकर्ताओं और जनबल के भरोसे चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं।

विवाद अब व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंचा

पटना स्नातक सीट का चुनाव अब सिर्फ उम्मीदवारों के बीच मुकाबले तक सीमित नहीं दिख रहा है। नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच पुराने राजनीतिक मतभेद, आरोप-प्रत्यारोप और व्यक्तिगत हमलों ने इस पूरे घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया है।एक तरफ नीरज कुमार अपने लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठन के भरोसे और कार्यकर्ताओं के समर्थन की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर अनंत सिंह निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में खड़े हैं।

सबसे गंभीर मुद्दा AK-47 से जुड़ा आरोप है, जिसे लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। नीरज कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए अदालत में जाने और सबूत पेश करने की चुनौती दी है। वहीं, अनंत सिंह पहले ही नार्को टेस्ट की चुनौती दे चुके हैं।

अब देखना यह होगा कि पटना स्नातक निर्वाचन सीट पर आगे यह सियासी टकराव किस दिशा में जाता है। फिलहाल इतना साफ है कि चुनावी मुकाबले से पहले ही नीरज कुमार और अनंत सिंह की बयानबाजी ने पटना स्नातक सीट को बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित मुद्दों में शामिल कर दिया है।