Bihar News : पटना जिले के सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिला शिक्षा कार्यालय के आदेश पर प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी), पटना सदर की ओर से सभी सरकारी विद्यालयों को जरूरी दस्तावेज जल्द से जल्द जमा करने का अलर्ट दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि तय समय सीमा के भीतर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वाले स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारियों के मई 2026 के वेतन पर रोक लगाने की अनुशंसा की जाएगी।
शिक्षा विभाग द्वारा विशेष रूप से सीएफएमएस 2.0 फार्मेट जमा करने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार कई बार सूचना जारी करने और लगातार याद दिलाने के बावजूद अधिकतर स्कूलों की ओर से अब तक रिपोर्ट जमा नहीं की गई है। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है और चेतावनी दी है कि अब इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, प्रखंड संसाधन केंद्र पटना सदर के अंतर्गत कुल 42 संकुल आते हैं। इनमें से अब तक केवल चार संकुलों ने ही सीएफएमएस 2.0 फार्मेट विभाग को सौंपा है। बाकी स्कूलों और संकुलों की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। इससे विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों के अभाव में विभागीय आंकड़ों का अद्यतन कार्य बाधित हो रहा है। इसके साथ ही वित्तीय और प्रशासनिक रिपोर्ट तैयार करने में भी परेशानी आ रही है। यही वजह है कि जिला शिक्षा कार्यालय ने अब इस मामले में सख्ती दिखाने का फैसला लिया है।
जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी प्रधानाध्यापकों और विद्यालय प्रभारियों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि निर्धारित समय के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज जमा कराना अनिवार्य है। यदि किसी स्कूल की ओर से लापरवाही बरती जाती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक और प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया है कि वेतन स्थगित करने की अनुशंसा सीधे जिला स्तर से की जाएगी।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी विद्यालय समय सीमा के भीतर सीएफएमएस 2.0 फार्मेट और अन्य जरूरी कागजात जमा करें ताकि विभागीय कार्यों का निष्पादन समय पर किया जा सके। विभाग का मानना है कि स्कूलों की लापरवाही के कारण सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर असर पड़ता है, जिसे देखते हुए अब जवाबदेही तय करना जरूरी हो गया है।
इस पूरे मामले की समीक्षा आगामी 27 जुलाई को आयोजित होने वाली बैठक में की जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि बैठक में सभी स्कूलों की स्थिति की जांच होगी और जिन संस्थानों ने अब तक दस्तावेज जमा नहीं किए होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने सभी स्कूलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे जल्द से जल्द जरूरी रिपोर्ट जमा करें ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।शिक्षा विभाग के इस सख्त रुख के बाद जिले के सरकारी स्कूलों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में स्कूल प्रशासन दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाएंगे, ताकि वेतन रोकने जैसी कार्रवाई से बचा जा सके।