Golghar Patna : राजधानी पटना की पहचान और ऐतिहासिक विरासत गोलघर एक बार फिर पर्यटकों के लिए नए अंदाज में तैयार होने जा रहा है। वर्षों से बंद पड़े गोलघर की सीढ़ियों पर जाने वाले गेट को अगले साल मई तक पर्यटकों के लिए खोलने की योजना है। इसके बाद लोग दोबारा गोलघर की ऊंचाई तक पहुंचकर वहां से पटना शहर और गंगा नदी का खूबसूरत नजारा देख सकेंगे। गोलघर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और उसका स्वरूप निखारने के लिए करीब 14 करोड़ रुपये की रिमॉडलिंग योजना तैयार की गई है।

गोलघर की सीढ़ियों पर पर्यटकों की एंट्री बंद होने के कारण लंबे समय से यहां आने वाले लोग ऊपर तक नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में गोलघर घूमने आने वाले पर्यटकों को अब तक केवल परिसर और बाहर से ही इसकी भव्यता देखने को मिलती थी। नई योजना के पूरा होने के बाद पर्यटकों को गोलघर के ऊपरी हिस्से तक जाने का मौका मिलेगा और यहां से पटना के विस्तृत शहरी क्षेत्र के साथ गंगा का विहंगम दृश्य भी देखा जा सकेगा।

14 करोड़ की योजना से बदलेगा गोलघर का पूरा परिसर

गोलघर परिसर के विकास के लिए भवन निर्माण विभाग और केंद्र सरकार की ओर से मिलकर डीपीआर तैयार की गई है। योजना के तहत सिर्फ सीढ़ियों वाले गेट को खोलने पर ही काम नहीं होगा, बल्कि पूरे परिसर का नए सिरे से सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

परिसर में पर्यटकों के लिए आधुनिक ओपन-एयर रेस्टोरेंट, आरामदायक सिटिंग चेयर और नई सुविधाओं वाला शौचालय बनाया जाएगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए मिक्की माउस बाउंसिंग झूला और आधुनिक प्ले-एरिया इक्विपमेंट भी लगाए जाएंगे। इससे परिवार के साथ गोलघर घूमने आने वाले लोगों के लिए यहां ज्यादा समय बिताना आसान होगा।

पार्क के स्वरूप को भी बदला जाएगा। खूबसूरत पौधों और हरियाली के साथ नया वॉकिंग ट्रैक तैयार किया जाएगा। आकर्षक लाइटिंग के जरिए गोलघर परिसर को शाम के समय भी खूबसूरत बनाया जाएगा। इसके अलावा पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी और एंट्री-एग्जिट व्यवस्था को भी बेहतर किया जाएगा।

मॉरिसन भवन में बनेगा म्यूजियम

गोलघर के साथ लगे ऐतिहासिक मॉरिसन भवन को भी नए रूप में विकसित करने की योजना है। जीर्णोद्धार के बाद इस भवन को म्यूजियम के तौर पर विकसित किया जाएगा। यानी आने वाले समय में पर्यटक एक ही परिसर में गोलघर, पार्क और म्यूजियम का आनंद ले सकेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक मॉरिसन भवन और गोलघर की ऐतिहासिक संरचना को ध्यान में रखते हुए जीर्णोद्धार का काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखना है।

संरचना की मजबूती पर रहेगा खास जोर

गोलघर एक ऐतिहासिक संरचना है, इसलिए इसके जीर्णोद्धार में इसकी मूल बनावट और मजबूती को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा। कला एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों के अनुसार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने गोलघर और आसपास की स्थिति का जायजा लिया है। आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद आगे का काम शुरू किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि गोलघर की संरचना को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सीढ़ियों और अन्य हिस्सों की मजबूती की जांच के बाद ही पर्यटकों के आवागमन को पूरी तरह बहाल किया जाएगा।

मई तक पूरा करने का लक्ष्य

योजना के तहत गोलघर परिसर में निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम जल्द शुरू करने की तैयारी है। लक्ष्य है कि अगले साल मई तक सीढ़ियों पर जाने वाला गेट पर्यटकों के लिए खोल दिया जाए। अगर योजना तय समय के मुताबिक पूरी होती है तो गर्मी की छुट्टियों में पटना आने वाले पर्यटकों को गोलघर से शहर का नजारा देखने का नया अनुभव मिल सकेगा।

गोलघर की ऊंचाई से पटना शहर और गंगा का दृश्य हमेशा से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा है। अब आधुनिक सुविधाओं, म्यूजियम, नए पार्क और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के साथ इसे पर्यटन के एक बड़े केंद्र के तौर पर विकसित करने की तैयारी है। ऐसे में गोलघर के दोबारा नए रूप में खुलने का इंतजार स्थानीय लोगों के साथ-साथ पटना आने वाले पर्यटकों को भी है।