पटना में होटल की आड़ में कथित तौर पर चल रहे देह व्यापार के धंधे का पुलिस ने खुलासा किया है। जक्कनपुर थाना क्षेत्र में पुराने बस स्टैंड के पास स्थित गणपति होटल में पुलिस की टीम ने छापेमारी कर 4 महिलाओं और 3 पुरुषों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सभी को आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया। वहीं, होटल से एक नाबालिग लड़की के मिलने के बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है।


मामले की शुरुआत पुलिस को मिली एक सूचना से हुई। बताया गया कि पुराने बस स्टैंड के पास स्थित गणपति होटल में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं और होटल की आड़ में कथित रूप से देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने एक टीम गठित की और होटल की गतिविधियों की जांच के लिए कार्रवाई शुरू की।


पुलिस टीम जब होटल पहुंची तो वहां अचानक छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान होटल के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी ली गई। इसी दौरान पुलिस को 4 महिलाएं और 3 पुरुष मिले। पुलिस का दावा है कि सभी संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए जक्कनपुर थाने ले गई।


छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ एक रजिस्टर भी लगा है। माना जा रहा है कि इस रजिस्टर में होटल में आने-जाने वाले लोगों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है। पुलिस अब रजिस्टर में दर्ज नाम, नंबर और अन्य विवरणों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि होटल में किस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही थीं और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।


तलाशी के दौरान पुलिस को कई आपत्तिजनक सामान भी मिले हैं। इन सामानों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि होटल में आने वाले लोगों से किस तरह संपर्क किया जाता था और कथित अवैध गतिविधियों के पीछे होटल प्रबंधन या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।


इस पूरे मामले में सबसे अहम और संवेदनशील पहलू नाबालिग लड़की की बरामदगी है। पुलिस ने होटल से एक नाबालिग का रेस्क्यू किया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह वहां कैसे पहुंची और उसे होटल तक कौन लेकर आया था। नाबालिग से जुड़े मामले में पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।


छापेमारी के बाद पकड़े गए सभी लोगों को थाने लाया गया। पुलिस के अनुसार, सभी का मेडिकल कराया जा रहा है। मेडिकल जांच के साथ-साथ हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि होटल में कथित तौर पर चल रही गतिविधियां कितने समय से जारी थीं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।


दिलचस्प बात यह है कि गणपति होटल पर पहले भी पुलिस की नजर पड़ चुकी है। इससे पहले भी पुलिस ने यहां छापेमारी की थी। उस दौरान भी होटल से युवक-युवतियों को संदिग्ध और आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने की बात सामने आई थी। अब दोबारा उसी होटल में पुलिस की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पहले भी होटल में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पुलिस कार्रवाई कर चुकी थी, तो इसके बाद भी वहां ऐसी गतिविधियां दोबारा कैसे शुरू हो गईं? क्या होटल संचालक को पहले की कार्रवाई का कोई डर नहीं था या फिर इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था? फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।


पुलिस अब होटल के रजिस्टर, बरामद सामान, पकड़े गए लोगों के बयान और अन्य सबूतों को जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां तलाश रही है। साथ ही होटल में आने-जाने वाले लोगों और कथित गतिविधियों से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।


नाबालिग के रेस्क्यू के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि नाबालिग को होटल तक लाने में किसी की भूमिका थी या नहीं। यदि जांच में मानव तस्करी, शोषण या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो मामले में संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।


फिलहाल गणपति होटल एक बार फिर पुलिस कार्रवाई के घेरे में है। पहले की छापेमारी के बावजूद कथित संदिग्ध गतिविधियों का दोबारा सामने आना पुलिस के लिए भी बड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने पर इस पूरे मामले में सिर्फ होटल तक मामला सीमित रहता है या फिर इसके पीछे चल रहे किसी बड़े नेटवर्क का भी खुलासा होता है।