पटना: बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। राजधानी पटना में गंगा का पानी लगातार ऊपर चढ़ रहा है और गांधी घाट पर स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। शनिवार सुबह नदी का जलस्तर 50.51 मीटर तक पहुंच गया, जबकि गांधी घाट का उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 50.52 मीटर निर्धारित है। यानी गंगा का पानी अब HFL से महज एक सेंटीमीटर नीचे रह गया है।

जलस्तर में जिस तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है, उसने प्रशासन के साथ-साथ गंगा किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ घंटों में पानी तेजी से ऊपर आया है। ऐसे में आने वाले कुछ घंटे पटना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

तीन घंटे में 8 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का पानी

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार सुबह 6 बजे गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.43 मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद महज तीन घंटे में इसमें करीब 8 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और सुबह 9 बजे जलस्तर 50.51 मीटर तक पहुंच गया।

गांधी घाट का HFL 50.52 मीटर है। इस लिहाज से अब नदी का पानी इस स्तर से सिर्फ 0.01 मीटर यानी एक सेंटीमीटर नीचे है। यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो गंगा गांधी घाट पर HFL के आंकड़े को पार कर सकती है। यही वजह है कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नए पूर्वानुमान में भी गंगा के जलस्तर के HFL से ऊपर जाने की आशंका जताई गई है।

पटना के दूसरे इलाकों में भी बढ़ रहा पानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर केवल गांधी घाट तक सीमित नहीं है। पटना और आसपास के कई गंगा घाटों पर भी पानी बढ़ने का ट्रेंड सामने आया है।शनिवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार दिघा में गंगा का जलस्तर 51.77 मीटर, गांधी घाट पर 50.43 मीटर और हथीदह में 43.37 मीटर दर्ज किया गया। वहीं मुंगेर में नदी का जलस्तर 39.58 मीटर, भागलपुर में 34.16 मीटर और कहलगांव में 32.31 मीटर दर्ज किया गया। इन स्थानों पर भी जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच बढ़ोतरी का रुझान सामने आया है। ऐसे में गंगा के पूरे प्रवाह क्षेत्र पर नजर रखना जरूरी हो गया है।

कोसी, बूढ़ी गंडक और पुनपुन भी बढ़ा रहीं चिंता

बिहार में इस समय केवल गंगा ही चिंता का कारण नहीं है। राज्य की दूसरी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कोसी, बूढ़ी गंडक और पुनपुन नदी के कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ने का ट्रेंड दर्ज किया गया है।पुनपुन नदी का जलस्तर श्रीपालपुर में 53.28 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं कोसी और बूढ़ी गंडक के विभिन्न गेज स्टेशनों पर भी पानी बढ़ने की स्थिति सामने आई है। कई नदियों में एक साथ बढ़ोतरी का असर निचले इलाकों में पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है।

बैराजों से छोड़े जा रहे पानी पर भी नजर

नदियों के जलस्तर के साथ-साथ विभिन्न बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की भी लगातार निगरानी की जा रही है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वीरपुर बैराज से कोसी, वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक और इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है।बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में होने वाला बदलाव नदियों के जलस्तर को प्रभावित कर सकता है। इसलिए विभाग की नजर नदियों के साथ-साथ बैराजों की स्थिति पर भी बनी हुई है।

गांधी घाट पर एक सेंटीमीटर का अंतर, इसलिए बढ़ी चिंता

गांधी घाट की स्थिति इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां गंगा का पानी HFL के बेहद करीब पहुंच चुका है। 50.51 मीटर के जलस्तर और 50.52 मीटर के HFL के बीच सिर्फ एक सेंटीमीटर का अंतर बचा है।ऐसे में पानी में मामूली बढ़ोतरी भी HFL पार करा सकती है। खासकर पिछले कुछ घंटों में जिस तेजी से जलस्तर बढ़ा है, उसे देखते हुए अगले कुछ घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं।

गंगा किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी होने वाली किसी भी चेतावनी या निर्देश का पालन करने की सलाह दी जा सकती है।

क्या HFL पार करेगी गंगा?

पटना में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गंगा गांधी घाट पर 50.52 मीटर के HFL को पार करेगी? जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि और HFL से बेहद कम अंतर ने इस सवाल को महत्वपूर्ण बना दिया है। आने वाले कुछ घंटे यह तय करेंगे कि गंगा का पानी इसी तरह बढ़ता है या जलस्तर में राहत मिलती है। फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगाह गांधी घाट समेत गंगा के अन्य प्रमुख गेज स्टेशनों पर टिकी हुई है।