Patna Ganga Ghat : राजधानी पटना के गंगा तट पर विकसित तीन आधुनिक घाट अब आम लोगों और श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह तैयार हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत बिहार आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) द्वारा विकसित भद्र घाट, महावीर घाट और नौजर घाट का उद्घाटन बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। करीब 46.26 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन परियोजनाओं का उद्देश्य राजधानी में आधुनिक शहरी अवसंरचना को मजबूत करना, गंगा घाटों को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना तथा धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पटना के गंगा तट का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। पहले जहां इन घाटों पर सीमित सुविधाएं थीं और कई स्थान कच्चे थे, वहीं अब इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस कर आकर्षक रिवर फ्रंट के रूप में विकसित किया गया है।

भद्र, महावीर और नौजर घाट का हुआ व्यापक विकास

बुडको की ओर से भद्र घाट, महावीर घाट और नौजर घाट पर रिवर फ्रंट सुंदरीकरण एवं विकास कार्य पूरा कर लिया गया है। इन घाटों का निर्माण आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप किया गया है ताकि श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण मिल सके।

पहले कच्चे रहे घाटों को अब पूरी तरह पक्का बनाया गया है। इसके साथ ही स्नान, पूजा-अर्चना, धार्मिक आयोजनों और छठ जैसे महापर्व के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है।

565 मीटर लंबा आधुनिक प्रोमेनेड बना आकर्षण

परियोजना के तहत तीनों घाटों पर कुल 565 मीटर लंबा प्रोमेनेड (वॉकवे) विकसित किया गया है। यह प्रोमेनेड लोगों को गंगा किनारे सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से टहलने तथा समय बिताने का बेहतर अवसर देगा। भद्र घाट पर 100 मीटर × 40 मीटर क्षेत्रफल का पक्का घाट बनाया गया है, जबकि महावीर घाट और नौजर घाट पर 30 मीटर × 20 मीटर क्षेत्रफल के आधुनिक घाट तैयार किए गए हैं। इन घाटों का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि अधिक संख्या में लोग एक साथ सुरक्षित तरीके से धार्मिक गतिविधियों में भाग ले सकें।

हाई मास्ट लाइट, बैरिकेडिंग और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था

तीनों घाटों पर आधुनिक हाई मास्ट लाइट लगाई गई हैं, जिससे रात के समय भी पर्याप्त रोशनी बनी रहेगी। इसके अलावा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका कम हो।

घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। विभाग का कहना है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता, सुरक्षा और सुविधाजनक मानकों के अनुरूप किया गया है। इससे आम लोगों को साफ-सुथरा और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगा बड़ा लाभ

गंगा घाटों के आधुनिक स्वरूप से सबसे अधिक लाभ श्रद्धालुओं को मिलेगा। छठ पूजा, गंगा दशहरा, कार्तिक स्नान और अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में लोग इन घाटों पर पहुंचते हैं। बेहतर सीढ़ियां, सुरक्षित पहुंच मार्ग, पर्याप्त रोशनी और व्यवस्थित परिसर के कारण अब लोगों को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही यह परियोजना पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक रिवर फ्रंट और विकसित प्रोमेनेड राजधानी आने वाले पर्यटकों के लिए भी नया आकर्षण बनेंगे।

चित्रगुप्त घाट के विकास का भी रास्ता जल्द होगा साफ

नगर विकास एवं आवास विभाग ने बताया कि चित्रगुप्त घाट के विकास की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इसके निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) से स्वीकृति मिलने का इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही चित्रगुप्त घाट के विकास कार्य की शुरुआत की जाएगी। सरकार का लक्ष्य पटना के प्रमुख गंगा घाटों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उन्हें धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों के लिए बेहतर केंद्र के रूप में विकसित करना है।

शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से राजधानी पटना की शहरी आधारभूत संरचना और मजबूत होगी। गंगा तट का सुनियोजित विकास न केवल नागरिक सुविधाओं में सुधार करेगा, बल्कि शहर की सुंदरता और पर्यटन क्षमता को भी बढ़ाएगा।

नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार गंगा घाटों का यह विकास कार्य समावेशी, संतुलित और सतत शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ये घाट आने वाले वर्षों में पटना की नई पहचान बनने के साथ-साथ धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को भी नई गति देंगे।