पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दशहरा के मौके पर रावण वध कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से लेकर भीड़ प्रबंधन तक पर खास फोकस किया गया है। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने गांधी मैदान को चार सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा का मजबूत खाका तैयार किया है। मैदान के चप्पे-चप्पे पर पुलिस और मजिस्ट्रेट की नजर रहेगी, जबकि सीसीटीवी और ड्रोन से भीड़ की हर गतिविधि पर निगरानी की जाएगी।
रावण वध कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पटना के डीएम कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने गांधी मैदान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद दोनों अधिकारियों ने कार्यक्रम के लिए तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों के साथ संयुक्त ब्रीफिंग की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात संचालन और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई।
प्रशासन ने गांधी मैदान को चार सेक्टरों में बांटा है। प्रत्येक सेक्टर में एक सेक्टर पदाधिकारी की तैनाती रहेगी। इसके अलावा मैदान के 25 प्रमुख और संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां वरीय मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों को तैनात किया गया है। यानी भीड़ के बीच किसी तरह की अव्यवस्था या परेशानी सामने आती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।
रावण वध देखने के लिए गांधी मैदान पहुंचने वाले लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। सभी सेक्टरों में हेल्प डेस्क, पेयजल, अग्निशमन सेवा, एंबुलेंस और सिविल डिफेंस की व्यवस्था रहेगी। मैदान में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा ड्रोन से भी पूरे कार्यक्रम स्थल की निगरानी और वीडियोग्राफी की जाएगी। प्रशासन का मकसद साफ है कि लाखों की भीड़ के बीच भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो।
कार्यक्रम स्थल पर अस्थायी थाना और क्विक रिस्पॉन्स टीम भी सक्रिय रहेगी। गांधी मैदान में प्रवेश करने वाले लोगों की सघन जांच और स्कैनिंग की जाएगी। पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में रावण वध देखने पहुंचने वाले लोगों को भी प्रशासन की जांच व्यवस्था में सहयोग करना होगा।
डीएम ने सभी प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों को कार्यक्रम वाले दिन दोपहर एक बजे तक अपने-अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचने का निर्देश दिया है। वहीं, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को गांधी मैदान में की गई बैरिकेडिंग और वॉच टावर को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भीड़ के दबाव में किसी तरह की समस्या न आए।
गांधी मैदान के प्रवेश और निकास द्वारों के पास एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था रखने को कहा गया है। इसके साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्र भी लगाए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों तक जरूरी सूचनाएं तुरंत पहुंचाई जा सकें। जिला और पुलिस नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। भीड़ में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा प्रशासन द्वारा बनाए गए प्रवेश-निकास मार्गों का पालन करने को कहा गया है।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क:
जिला नियंत्रण कक्ष: 0612-2219810, 0612-2219234
पुलिस नियंत्रण कक्ष: 9031825979
आपातकालीन सहायता: डायल 112
इस बार गांधी मैदान में रावण वध सिर्फ आतिशबाजी और पुतला दहन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी प्रशासन की कड़ी परीक्षा होगी। हजारों-लाखों लोगों की भीड़ के बीच आयोजन को व्यवस्थित रखना बड़ी चुनौती है। हालांकि प्रशासन की तैयारियों को देखकर साफ है कि पटना में दशहरा उत्सव के दौरान सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लिया जा रहा है।