Patna E-Rickshaw Rule :  राजधानी पटना की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने वाले चालकों के लिए बड़ी खबर है। अब शहर की किसी भी सड़क या गली में मनमाने तरीके से ई-रिक्शा दौड़ाना आसान नहीं होगा। परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब ई-रिक्शा को भी ऑटो की तर्ज पर परमिट व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत ई-रिक्शा के लिए क्षेत्र और रूट निर्धारित किए जाएंगे। चालक को जिस जोन और रूट का परमिट मिलेगा, उसे उसी निर्धारित क्षेत्र में वाहन चलाना होगा। यानी आने वाले दिनों में पटना की सड़कों पर ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह जोन और रूट आधारित हो सकता है।

ई-रिक्शा चालकों के लिए सबसे बड़ा बदलाव क्या?

अब तक पटना शहरी क्षेत्र में ई-रिक्शा को परमिट लेने से छूट मिली हुई थी। यही वजह थी कि बड़ी संख्या में ई-रिक्शा शहर के अलग-अलग इलाकों और सड़कों पर बिना निर्धारित रूट के चलते थे। इससे कई जगहों पर जाम और यातायात संचालन से जुड़ी समस्याएं सामने आती थीं।अब परिवहन विभाग ने इस व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला लिया है। ई-रिक्शा को भी परमिट व्यवस्था में शामिल किया जाएगा और इसके लिए जोन के हिसाब से रूट निर्धारित किए जाएंगे।इसका सीधा मतलब है कि ई-रिक्शा चालक अपनी मर्जी से किसी भी इलाके में वाहन नहीं चला सकेंगे।

परमिट के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य

नई व्यवस्था में ई-रिक्शा परमिट हासिल करने के लिए चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य किया गया है। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के परमिट जारी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा परमिट लेने वाले चालक की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष निर्धारित की गई है। यानी 20 वर्ष से कम उम्र के चालक ई-रिक्शा का परमिट नहीं ले सकेंगे। परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार ने इस संबंध में पटना के प्रमंडलीय आयुक्त और जिला परिवहन पदाधिकारी को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को नई व्यवस्था को जल्द लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।

तीन जोन में बंटेगा पटना का शहरी क्षेत्र

ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए पटना शहरी क्षेत्र को अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा। विभागीय योजना के अनुसार मुख्य रूप से पीला, हरा और नीला जोन निर्धारित किए जाएंगे। इन जोन के आधार पर ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन का क्षेत्र और रूट तय किया जाएगा। चालक को उसी जोन के अनुसार परमिट दिया जाएगा। इसके अलावा सफेद जोन को रिजर्व वाहनों के लिए निर्धारित किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर में वाहनों की संख्या और उनके संचालन को व्यवस्थित करना है, ताकि एक ही इलाके में बड़ी संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा जमा होने की स्थिति कम हो सके।

परमिट के लिए नहीं देना होगा कोई शुल्क

ई-रिक्शा चालकों के लिए इस नई व्यवस्था में एक राहत भी दी गई है। परमिट जारी कराने के लिए फिलहाल कोई शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है।वहीं ऑटो चालकों को परमिट के लिए शुल्क देना पड़ता है। सीएनजी ऑटो के परमिट के लिए कुल 2,150 रुपये, जबकि पेट्रोल-डीजल ऑटो के परमिट के लिए 2,650 रुपये शुल्क निर्धारित है। इस लिहाज से ई-रिक्शा चालकों को नई परमिट व्यवस्था में शुल्क के मोर्चे पर राहत मिलेगी।

ऑनलाइन आवेदन से मिलेगा परमिट

परिवहन विभाग अब जोनवार परमिट जारी करने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारी जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन के बाद पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। वैध ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित उम्र की शर्त पूरी करने वाले चालकों को नियमों के अनुसार परमिट जारी किया जाएगा।

नियम टूटे तो बढ़ सकती है परेशानी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद ई-रिक्शा चालकों के लिए निर्धारित रूट और क्षेत्र का पालन करना जरूरी होगा। परमिट मिलने के बाद चालक को उसी जोन और रूट में ई-रिक्शा चलाना होगा। ऐसे में अगर कोई चालक निर्धारित क्षेत्र से बाहर जाकर ई-रिक्शा चलाता है तो उसके खिलाफ परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियां कार्रवाई कर सकती हैं।

जाम से राहत देने की कोशिश

पटना में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के बीच ई-रिक्शा की संख्या भी लगातार बढ़ी है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में ई-रिक्शा यात्रियों के लिए सस्ता और सुविधाजनक साधन हैं, लेकिन इनके अनियंत्रित संचालन से कई जगहों पर यातायात प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।परिवहन विभाग की नई व्यवस्था का उद्देश्य ई-रिक्शा पर रोक लगाना नहीं, बल्कि उनके संचालन को व्यवस्थित और रूट आधारित बनाना है। अगर जोन और रूट व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है तो इससे पटना की सड़कों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं ई-रिक्शा चालकों को भी स्पष्ट रूप से पता रहेगा कि उन्हें किस क्षेत्र में वाहन चलाने की अनुमति है।

यात्रियों पर भी पड़ेगा असर

नई व्यवस्था का असर ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों पर भी पड़ेगा। अलग-अलग रूट निर्धारित होने के बाद यात्रियों को यह जानकारी रखना जरूरी हो सकता है कि कौन सा ई-रिक्शा किस इलाके या रूट पर जाने के लिए अधिकृत है। कुल मिलाकर पटना में ई-रिक्शा संचालन को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब लाइसेंस, परमिट, जोन और तय रूट के नियमों के साथ ही ई-रिक्शा सड़क पर दौड़ेंगे। परिवहन विभाग के इस कदम से एक तरफ जहां चालकों के लिए नियम स्पष्ट होंगे, वहीं दूसरी तरफ शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद भी है।