Bihar EV Charging Station : राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चलाने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब शहर में ई-व्हीकल की बैटरी खत्म होने की चिंता काफी हद तक कम होने वाली है। परिवहन विभाग ने पटना और उसके आसपास 48 सार्वजनिक ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पटना नगर निगम और विभिन्न नगर परिषदों ने संभावित स्थानों की सूची परिवहन विभाग को भेज दी है। विशेषज्ञों की टीम इन स्थानों का निरीक्षण कर अंतिम मंजूरी देगी। बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों को देखते हुए सरकार का यह कदम राजधानी में ई-मोबिलिटी को नई रफ्तार देने वाला माना जा रहा है। इससे शहर के साथ-साथ बाहर जाने वाले ई-व्हीकल चालकों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत तैयार होगा नेटवर्क
जानकारी के अनुसार, यह पूरी योजना PM E-Drive Scheme के तहत लागू की जा रही है। परिवहन विभाग ने पटना नगर निगम से सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इसके अलावा गया-मसौढ़ी रोड, नौबतपुर, पालीगंज और आसपास के नगर परिषद क्षेत्रों से भी जगह उपलब्ध कराने को कहा गया था।
उद्देश्य यह है कि राजधानी और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर ऐसा नेटवर्क तैयार हो, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी तय करने में किसी तरह की परेशानी न हो। यदि रास्ते में बैटरी कम हो जाए तो चालक नजदीकी चार्जिंग स्टेशन पर वाहन चार्ज कर सकेंगे।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या बनी वजह
पिछले कुछ वर्षों में पटना में इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन शहर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या काफी कम होने के कारण लोगों को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को बैटरी खत्म होने का डर बना रहता है। नए चार्जिंग स्टेशन बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।
निर्धारित शुल्क पर मिलेगी चार्जिंग सुविधा
इन सभी सार्वजनिक ई-चार्जिंग स्टेशनों पर निर्धारित शुल्क देकर कोई भी व्यक्ति अपने इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्ज करा सकेगा।
परिवहन विभाग के अनुसार—
चार्जिंग शुल्क प्रति घंटा और प्रति मिनट के आधार पर तय किया जाएगा।
अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित होंगी।
भुगतान की प्रक्रिया डिजिटल और आसान रखने की योजना है।
स्टेशन सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे।
हालांकि शुरुआती चरण में इन स्टेशनों पर केवल सामान्य इलेक्ट्रिक वाहन ही चार्ज किए जा सकेंगे।
इलेक्ट्रिक बसों को नहीं मिलेगी सुविधा
इन चार्जिंग स्टेशनों पर फिलहाल इलेक्ट्रिक बसों और भारी व्यावसायिक वाहनों को चार्जिंग सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इसके पीछे तकनीकी कारण बताए जा रहे हैं। भारी वाहनों को चार्ज करने के लिए हाई कैपेसिटी फास्ट चार्जर की आवश्यकता होती है। ऐसे चार्जर के संचालन के लिए अधिक वोल्टेज वाली बिजली और अलग से डेडिकेटेड ट्रांसफॉर्मर की जरूरत पड़ती है। इसलिए फिलहाल यह नेटवर्क छोटे और मध्यम इलेक्ट्रिक वाहनों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
पटना में इन प्रमुख जगहों पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशन
परिवहन विभाग को भेजी गई सूची के अनुसार कई प्रमुख स्थानों को चार्जिंग स्टेशन के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें शामिल हैं—
पिंक सिटी मैरिज हॉल के पास
गया-मसौढ़ी रोड
कुलहरिया कॉम्प्लेक्स
बांकीपुर-1
सुभाष पार्क
पी एंड एम मॉल बेसमेंट
इंडस्ट्रियल एरिया
अंबेडकर भवन के सामने
नाला रोड
52 बीघा आर्य कुमार रोड
एम टोली
वैशाली गोलंबर से दिनकर गोलंबर तक
मलाही पकड़ी
रैन बसेरा के पास
मेदांता अस्पताल के आसपास
एसबीआई एटीएम परिसर
लोहिया नगर पार्क
जेपी सेतु मरीन ड्राइव गोलंबर
जनार्दन घाट
नौबतपुर
पालीगंज
गया-मसौढ़ी मार्ग सहित अन्य स्थान
इन सभी स्थानों का तकनीकी निरीक्षण पूरा होने के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
शहर के साथ हाईवे यात्रियों को भी मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि चार्जिंग स्टेशनों का यह नेटवर्क सिर्फ शहर के भीतर ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों में यात्रा करने वालों के लिए भी काफी उपयोगी साबित होगा। अभी तक कई लोग चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से बचते थे। लेकिन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ने से लोगों का भरोसा बढ़ेगा और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में भी तेजी आने की संभावना है।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
राजधानी में चार्जिंग नेटवर्क विकसित होने से इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ेगा, जिससे पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही प्रदूषण में कमी आने की भी उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है ताकि आने वाले वर्षों में बिहार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दायरा तेजी से बढ़ सके।
कब शुरू होगा निर्माण?
फिलहाल नगर निगम और नगर परिषद द्वारा भेजे गए स्थानों का परिवहन विभाग निरीक्षण कर रहा है। तकनीकी मानकों पर खरे उतरने वाले स्थानों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी। विभाग की कोशिश है कि जल्द से जल्द इन चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तैयार कर आम लोगों को सुविधा उपलब्ध कराई जाए।