पटना : राजधानी पटना में दुर्गापूजा को लेकर उत्साह के साथ-साथ सुरक्षा की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। नवरात्र शुरू होने के साथ ही शहर में जगह-जगह सजने वाले पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगेगी। इसी को देखते हुए पटना पुलिस ने सुरक्षा का पूरा प्लान तैयार किया है। पूजा पंडालों से लेकर शहर की सीमाओं तक पुलिस की निगरानी रहेगी। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि किसी तरह की भ्रामक या भड़काऊ सूचना माहौल खराब न कर सके।
शनिवार को वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा की अध्यक्षता में हुई मासिक अपराध समीक्षा बैठक में दुर्गापूजा के दौरान विधि-व्यवस्था को लेकर विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में सभी पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक और थानाध्यक्ष मौजूद रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि पूजा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
पंडाल से लेकर शहर की सीमा तक निगरानी
पटना में इस बार करीब 1600 छोटे-बड़े पूजा पंडाल बनाए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ के बीच अपराधी सक्रिय न हों, इसके लिए पुलिस ने संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी की व्यवस्था की है।
पंडालों के आसपास लगातार पुलिस गश्त करेगी। प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग स्थल, संपर्क गलियां और प्रमुख सड़कों पर भी नजर रखी जाएगी। रात में दर्शन के लिए निकलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है। सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय पुलिस के साथ करीब सात कंपनी यानी 450 अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। प्रमुख पूजा पंडालों और संवेदनशील इलाकों में इन जवानों की मौजूदगी रहेगी।
1600 कैमरों से संदिग्धों पर नजर
पुलिस ने तकनीक के जरिए भी सुरक्षा घेरा मजबूत किया है। पटना में लगे करीब 1600 सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों और अपराधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा करीब 900 बड़े पूजा पंडालों के संचालकों को भी सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पंडाल के भीतर और आसपास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने में पुलिस को मदद मिलेगी। किसी घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी में भी सहायता मिलेगी।
सादे कपड़ों में महिला पुलिस की खास नजर
दुर्गापूजा के दौरान भीड़ में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, झपटमारी और पर्स चोरी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस ने अलग रणनीति बनाई है। पूजा पंडालों के आसपास सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनकी नजर खास तौर पर ऐसे लोगों पर होगी जो भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं और श्रद्धालुओं को निशाना बनाते हैं। पुलिस ने बाइकर्स गिरोह, झपटमारों और पर्स चोरी करने वाले गिरोहों पर विशेष नजर रखने का निर्देश भी दिया है।
शहर की सीमाओं पर भी पुलिस का पहरा
पूजा के दौरान दूसरे शहरों से अपराधियों के पटना आने की आशंका को देखते हुए शहर की सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस वाहनों की जांच के साथ संदिग्ध लोगों और वाहनों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। अपराधियों की धर-पकड़ के लिए वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। झपटमारों, पर्स चोरों और शराब तस्करों के खिलाफ छापेमारी भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान पूजा समाप्त होने तक जारी रहेगा।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी पैनी नजर
सिर्फ सड़क और पंडाल ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी भ्रामक, आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मासिक अपराध समीक्षा बैठक में एससी-एसटी अत्याचार, महिला अपराध, पॉक्सो और अन्य गंभीर मामलों की भी समीक्षा की गई। लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन, अपराधियों की गिरफ्तारी, वारंट के निष्पादन और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने को कहा गया। अवैध हथियारों और मादक पदार्थों के खिलाफ भी अभियान तेज करने का निर्देश दिया गया है।
पटना पुलिस की कोशिश साफ है—दुर्गापूजा में श्रद्धालु बेफिक्र होकर मां दुर्गा के दर्शन करें और अपराधियों को भीड़ का फायदा उठाने का कोई मौका न मिले। पूजा पंडाल से लेकर सड़क और सोशल मीडिया तक सुरक्षा का यह घेरा पर्व के दौरान लगातार सक्रिय रहेगा।