Patna News: राजधानी पटना में दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों को बिजली कनेक्शन लेने के लिए अब निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क का पूरा भुगतान करना होगा। पेसू ने इस बार कनेक्शन शुल्क में किसी तरह की सब्सिडी का प्रावधान नहीं रखा है।



पेसू के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता दिलीप कुमार सिंह की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि पूजा पंडालों को निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क के अनुसार ही बिजली कनेक्शन दिया जाए। हालांकि, कनेक्शन शुल्क पर जीएसटी नहीं लिया जाएगा। जारी शुल्क तालिका में किसी प्रकार की सब्सिडी का प्रावधान नहीं है। वहीं, स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए लागू टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ का लाभ भी पूजा पंडालों को नहीं मिलेगा।



पूजा पंडालों में बिजली कनेक्शन की कुल राशि स्वीकृत लोड के आधार पर निर्धारित होगी। एक केवीएएच लोड पर कुल 1,878 रुपये शुल्क देना होगा। इसमें लोड, पावर फैक्टर, दिन और घंटे के शुल्क के अलावा सर्विस कनेक्शन और आवेदन शुल्क भी शामिल है।



लोड बढ़ने के साथ कनेक्शन शुल्क भी बढ़ता जाएगा। चार केवीएएच तक के कनेक्शन के लिए 800 रुपये सर्विस कनेक्शन शुल्क और 150 रुपये आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, चार केवीएएच से अधिक के कनेक्शन के लिए 1,800 रुपये सर्विस कनेक्शन शुल्क और 400 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा।



पेसू के अनुसार, अधिकांश पूजा पंडालों में बिजली की जरूरत के लिए 10 से 20 किलोवाट तक का कनेक्शन लिया जाता है। यह तात्कालिक कनेक्शन आमतौर पर तीन दिनों के लिए दिया जाता है। बड़े पंडालों और बड़े आयोजनों में बिजली की मांग अधिक होती है। डाकबंगला चौराहा जैसे बड़े पूजा पंडालों में करीब 70 से 80 किलोवाट तक का कनेक्शन लिया जाता है।



आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पटना के 666 पूजा पंडालों में से 591 को तात्कालिक बिजली कनेक्शन दिया गया था। इसके लिए पूजा समितियों ने कुल 24.45 लाख रुपये जमा किए थे। वहीं, वर्ष 2024 में 630 पंडालों में से 602 को तात्कालिक बिजली कनेक्शन दिया गया था। पूजा समितियों की ओर से इसके लिए 26.65 लाख रुपये जमा किए गए थे।



दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पेसू ने सभी विद्युत अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी पूजा पंडाल बिना बिजली कनेक्शन के न रहे। पेसू ने पूजा पंडालों को बिजली कनेक्शन देते समय भारतीय विद्युत नियम, 1956 में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराने का भी निर्देश दिया है।



पंडाल और बिजली के तारों के बीच निर्धारित वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल क्लियरेंस बनाए रखना अनिवार्य होगा। बिजली कनेक्शन और पंडाल की विद्युत व्यवस्था में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई की जा सकती है।