PATNA:बिहार में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटना मद्य निषेध विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सूखे नशे के कारोबार पर करारा प्रहार किया है। मुख्यालय के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मेंहदीगंज थाना क्षेत्र स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाईयां बरामद कीं।
यह कार्रवाई डिप्टी कमिश्नर सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश, ड्रग इंस्पेक्टर अजय कुमार, मध निषेध इंस्पेक्टर दीपक महतो, एएसआई गौतम कुमार, एएसआई धर्मेंद्र कुमार, एएसआई विद्युता कुमारी और सिपाही अमित शामिल थे।
छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप, नशीली गोलियां और इंजेक्शन बड़ी मात्रा में जब्त किए गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार बरामद नशीली दवाओं की बाजार कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है।
मद्य निषेध विभाग ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, नशीली दवाओं की आपूर्ति और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है तथा इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि बिहार में 10 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन ना तो शराब पीने वाले सुधरने का नाम ले रहे हैं और ना ही इसे बेचने वाले ही अपनी आदतों से बाज आ रहे हैं।
स्थिति यह है कि बिहार में चोरी छीपे शराब तो बिक ही रही है,लोग सुखा नशा करने के आदि हो गये हैं। बिहार का कोई ऐसा इलाका नहीं होगा जहां गंजेरी और स्मेकियर नहीं दिखाई देता होगा। बिहार को इन लोगों ने उड़ता पंजाब बनाकर रख दिया है।
पटना से सूरज की रिपोर्ट