PATNA:राजधानी पटना में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने दानापुर के एक रिटायर्ड शिक्षक को 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर रखा और उनसे 30 लाख रुपये ठग लिए।
ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस, सीबीआई और आरबीआई का अधिकारी बताकर शिक्षक को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी दी। डर के कारण शिक्षक ने अपनी एफडी तक तुड़वा दी और ठगों के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। बाद में शक होने पर उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर ठगों ने इस बार दानापुर के आरके पुरम में रहने वाले जवाहर नवोदय विद्यालय के एक सेवानिवृत्त शिक्षक को अपना निशाना बनाया। ठगों ने उन्हें बताया कि दिल्ली के चांदनी चौक में उनके नाम पर एक बैंक खाता है, जिसमें विदेश से मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए 6 करोड़ 80 लाख रुपये आए हैं। इस मामले में दिल्ली के बाराखंभा थाने में केस दर्ज होने की बात कहकर उन्हें डराया गया।
पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि, 20 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को टेलीकॉम अधिकारी बताया और कहा कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है। इसके बाद ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए उन्हें कथित तौर पर दिल्ली पुलिस और सीबीआई के अधिकारियों से बात कराई।
फर्जी अधिकारियों ने गिरफ्तारी का डर दिखाया
ठगों ने खुद को आईपीएस अधिकारी और सीबीआई अधिकारी बताकर शिक्षक से पूछताछ की। उन्हें बताया गया कि इस मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार हो चुका है और उसके पास से 180 पासबुक मिली हैं। आरोपियों ने दावा किया कि उनके खाते में भी मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए 68 लाख रुपये कमीशन के तौर पर आए हैं।
ठगों ने शिक्षक को हथकड़ी पहने कुछ लोगों की तस्वीरें या वीडियो दिखाकर डराया। साथ ही कहा कि उनके बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट की जांच की जाएगी। यदि सब कुछ सही मिला, तो 24 घंटे में कार्रवाई रोक दी जाएगी।
एफडी तुड़वाकर ट्रांसफर किए 30 लाख रुपये
लगातार धमकियों और गिरफ्तारी के डर से शिक्षक ने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। ठगों के कहने पर वह मुरादाबाद से पटना आए और 2 अक्टूबर को अपनी एफडी तुड़वाकर 30 लाख रुपये उनके बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए।
पैसे मिलने के बाद भी ठगों ने उन्हें नहीं छोड़ा। उनसे एक व्हाट्सएप नंबर पर हर घंटे अपनी गतिविधियों की जानकारी देने को कहा गया। बाद में आरोपियों ने बैंक में रखे सोना को गलाकर उसका प्रमाण भेजने का दबाव भी बनाया।
भतीजे से बात करने पर खुला ठगी का शक
लगातार मांगों के बाद शिक्षक को शक हुआ। उन्होंने इस मामले की जानकारी एसबीआई में कार्यरत अपने भतीजे को दी। इसके बाद 3 अक्टूबर को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर ठगी से बचने के लिए रखें ध्यान
पुलिस और जांच एजेंसियां फोन या वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को इस तरह डिजिटल अरेस्ट नहीं करती हैं। अगर कोई खुद को पुलिस, सीबीआई या आरबीआई का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाए और पैसे ट्रांसफर करने को कहे, तो सावधान रहें। किसी भी अनजान खाते में पैसे न भेजें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।