PATNA: बिहार में घूसखोर अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे है। इन्हें देखकर ऐसा लगता है कि निगरानी की कार्रवाई का डर मानो खत्म हो गया है। इस बार फिर एक सरकारी कर्मी निगरानी के हत्थे चढ़ गया। विजिलेंस की टीम ने 50 हजार रुपये घूस रंगेहाथ लेते धनरुआ अंचल कार्यालय के क्लर्क शैलेश कुमार को गिरफ्तार किया है। निगरानी की इस एक्शन से सरकारी कर्मियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। 


निगरानी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पटना में हुए इस कार्रवाई की जानकारी दी है। यह बताया कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम के द्वारा आज दिनांक 06.07.2026 को निगरानी थाना कांड सं0-080/26, दिनांक 06.07.2026 में प्राथमिकी अभियुक्त श्री शैलेश कुमार, लिपिक, अंचल कार्यालय धनरूआ, जिला- पटना को 50,000/- (पचास हजार) रूपये रिश्वत लेते हुए धनरूआ प्रखण्ड गेट से करीब 20 मीटर पश्चिम स्थित दिलीप लाई भंडार के सामने गया-पटना सड़क से गिरफ्तार किया गया है।


परिवादी श्री राज कुमार, पिता चितरंजन सिंह, सा०- रमनी बिगहा, थाना- धनरूआ, जिला- पटना द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराया गया था कि आरोपी (जो लिपिक है) के द्वारा दो एकड़ 17 डी० जमीन का राजस्व विभाग के पोर्टल पर ऑन-लाई चढ़ाने हेतु परिमार्जन प्लस के तहत रिश्वत की माँग की जा रही है।


ब्यूरो द्वारा प्राप्त शिकायत का सत्यापन कराया गया एवं सत्यापन के क्रम में आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण पाया गया। प्रथम द्रष्टया आरोप सही पाये जाने के पश्चात् उपरोक्त कांड अंकित कर अनुसंधानकर्ता श्री आसिफ इकबाल मेहदी, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के नेतृत्व में एक धावादल का गठन किया गया।


धावादल द्वारा कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त श्री शैलेश कुमार, लिपिक, अंचल कार्यालय धनरूआ, जिला- पटना को 50,000/- (पचास हजार) रूपये रिश्वत लेते हुए धनरूआ प्रखण्ड गेट से करीब 20 मीटर पश्चिम स्थित दिलीप लाई भंडार के सामने गया-पटना सड़क से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त से पूछताछ के उपरांत माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में उपस्थापित किया जायेगा। अग्रतर अनुसंधान की कार्रवाई की जा रही है।