पटना के दानापुर रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो से पार्किंग के नाम पर कथित वसूली कर रहे एक एजेंट को पकड़ने के बाद पुलिसकर्मियों के बीच ही विवाद हो गया. आरोप है कि खगौल थाने में तैनात दरोगा राजेश राम ने सिपाही सह चालक संजीत कुमार के साथ मारपीट की और पिस्टल निकालकर उस पर तान दी. घटना के दौरान थाने में अफरातफरी की स्थिति बन गई. बीच-बचाव करने पहुंची महिला सिपाही काजल कुमारी के साथ भी अभद्रता किए जाने का आरोप है.
घटना शनिवार शाम की बताई जा रही है. दानापुर रेलवे स्टेशन के बाहर वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति बनी हुई थी. इसी दौरान गश्ती दल में शामिल सिपाही संजीत कुमार की नजर एक ऐसे ऑटो एजेंट पर पड़ी, जो वाहनों से पार्किंग के नाम पर कथित तौर पर पैसे वसूल रहा था.
सिपाही ने एजेंट को पकड़कर गश्ती वाहन में बैठा लिया. बताया जा रहा है कि इसी कार्रवाई को लेकर दरोगा राजेश राम नाराज हो गए. इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई.
सिपाही संजीत कुमार का आरोप है कि दरोगा ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसे छोटा मुलाजिम कहकर अपमानित किया. इसके बाद जब गश्ती दल थाने पहुंचा तो विवाद और बढ़ गया.
आरोप है कि वाहन से उतरने के बाद दरोगा ने संजीत कुमार को पकड़ लिया और लात-घूंसों से उसकी पिटाई शुरू कर दी. सिपाही ने बचाव के लिए डंडा उठाया तो दरोगा पर कमर से पिस्टल निकालकर गोली मारने की धमकी देने का आरोप है.
शोरगुल सुनकर थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों को अलग किया. इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंची महिला सिपाही काजल कुमारी के साथ भी कथित तौर पर गाली-गलौज की गई. घटना के बाद महिला सिपाही के रोते हुए थाने के अंदर चले जाने की बात सामने आई है.
वहीं, दरोगा राजेश राम ने सिपाही की पिटाई करने और पिस्टल तानने के आरोपों को गलत बताया है. उनका पक्ष है कि मामले को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं.
घटना के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है. खगौल थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने बताया कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
थानाध्यक्ष ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो वरीय अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखित आवेदन भेजा जाएगा.