Patna News: पटना जिला प्रशासन ने साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और बैंक फ्रॉड पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। शनिवार को समाहरणालय में जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने पुलिस विभाग और आईटी सेल के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साइबर अपराध नियंत्रण की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में आधुनिक तकनीक की मदद से साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र में सिम कार्ड विक्रेताओं की विशेष निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सिम कार्ड की खरीद-बिक्री में सरकार के निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाए।
साइबर ठगी के पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिले के सभी थानों में साइबर हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएंगे। साथ ही जिला स्तरीय बैंकिंग समन्वय समिति की प्रत्येक बैठक में डिजिटल अरेस्ट, बैंक फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों की अलग से समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग के साइबर सेल को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। अभियान के पहले चरण में स्कूलों और कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों को साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। इसके बाद सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
इसके अलावा, जिले में हर मंगलवार को 'साइबर मंगलवार' के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन डिजिटल अरेस्ट, साइबर ठगी और ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी से बचाव के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। विभिन्न सहयोग शिविरों के माध्यम से भी लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों की मेहनत की कमाई ठगी के जरिए हड़प रहे हैं। ऐसे अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, सतर्कता और तकनीकी निगरानी के जरिए ही साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।