Patna Crime News : पटना में पार्षद पति अनिल कुमार यादव पर हुई जानलेवा गोलीबारी के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस हमले के पीछे की कहानी भी सामने आने लगी है। बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के चकारम स्थित एक अपार्टमेंट के बेसमेंट में हुए इस हमले के पीछे नगर निगम चुनाव के दौरान पैदा हुई पुरानी रंजिश को वजह बताया जा रहा है। पुलिस की जांच में शंकर यादव का नाम कथित मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया है। पुलिस अब उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, अनिल कुमार यादव पर अपार्टमेंट के बेसमेंट में सुनियोजित तरीके से हमला किया गया था। हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर चार गोलियां चलायी थीं। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरातफरी मच गई थी। घटना के बाद घायल अनिल यादव को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 26 सितंबर को उनका फर्दबयान दर्ज किया गया। इसके आधार पर चार नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए एसआइटी का गठन किया। टीम ने घटना से जुड़े तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों को जुटाना शुरू किया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहनों और हथियारों की जानकारी जुटाई और इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों के पास से एक देशी पिस्टल, एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा दो बाइक, एक टेंपो और पांच मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि अनिल यादव और शंकर यादव के बीच नगर निगम चुनाव के दौरान विवाद हुआ था। चुनावी विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच रंजिश बनी हुई थी। पुलिस को आशंका है कि इसी पुरानी दुश्मनी के चलते अनिल यादव को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। जांच में शंकर यादव पर शूटरों के जरिए अनिल यादव की हत्या कराने की साजिश रचने का आरोप सामने आया है।
पुलिस अब गिरफ्तार किए गए चारों आरोपितों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले की योजना कब बनाई गई, शूटरों से संपर्क किसने किया और वारदात को अंजाम देने के लिए उन्हें किस तरह की मदद उपलब्ध कराई गई। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और वाहनों की भी जांच कर रही है, ताकि साजिश से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
इस मामले में चार शूटरों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का सबसे बड़ा फोकस शंकर यादव की गिरफ्तारी पर है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में शंकर यादव के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से गोलीबारी की घटना की कई अहम कड़ियां सामने आई हैं, लेकिन पूरी साजिश की तस्वीर अभी साफ होना बाकी है। नगर निगम चुनाव के दौरान शुरू हुआ विवाद आखिर किस तरह जानलेवा हमले की साजिश तक पहुंचा, इसमें कितने लोग शामिल थे और हमले के पीछे वास्तविक मकसद क्या था, इन सवालों का जवाब मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद सामने आने की उम्मीद है।