पटना: राजधानी पटना के खाजेकलां थाना क्षेत्र में बुधवार को चेहल्लुम के जुलूस के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब बिना प्रशासनिक अनुमति निकाले जा रहे जुलूस को रोकने पहुंची पुलिस के सामने दो पक्षों के बीच विवाद भड़क उठा। देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई और हालात इतने बिगड़ गए कि बीच-बचाव करने पहुंचे खाजेकलां थानाध्यक्ष (SHO) विद्यानंद वर्मा भी घायल हो गए। उनके सिर में चोट लगी, हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बिना अनुमति जुलूस निकालने की सूचना पर पहुंची पुलिस
जानकारी के अनुसार, खाजेकलां इलाके में चेहल्लुम का जुलूस निकाला जा रहा था। पुलिस को सूचना मिली कि जुलूस के लिए प्रशासन से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है। इसके बाद स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जुलूस को रोकने तथा लोगों को समझाने का प्रयास किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद तेजी से बढ़ गया। कुछ ही मिनटों में माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों ओर से धक्का-मुक्की व हाथापाई शुरू हो गई।
भीड़ को शांत कराने पहुंचे SHO, सिर में लगी चोट
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसी दौरान भीड़ को शांत कराने और दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश में खाजेकलां थानाध्यक्ष विद्यानंद वर्मा घायल हो गए।
धक्का-मुक्की के दौरान उनके सिर में चोट लग गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल सामान्य और खतरे से बाहर है।
SHO ने बताई पूरी घटना
घटना के बाद थानाध्यक्ष विद्यानंद वर्मा ने बताया कि दो समूहों के बीच हाथापाई हो रही थी। पुलिस दोनों पक्षों को शांत कराने और विवाद खत्म कराने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान उन्हें चोट लग गई। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।
हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को किया गया तितर-बितर
जब स्थिति लगातार बिगड़ती गई तो अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने लोगों को हटाने और हालात सामान्य करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद भीड़ धीरे-धीरे तितर-बितर हो गई और इलाके में शांति बहाल कर दी गई।फिलहाल पूरे क्षेत्र में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या नई घटना को रोका जा सके।
पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी धार्मिक जुलूस या सार्वजनिक आयोजन के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति जुलूस निकालना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी बताया कि घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। मौके पर मौजूद लोगों के मोबाइल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जिन लोगों ने हंगामा किया, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इलाके में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस लगातार सतर्क है और हर गतिविधि पर नजर रख रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।