PATNA: पटना के होटल मौर्या में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (CSI),बिहार चैप्टर 32वें वार्षिक सम्मेलन, कार्डिकॉन (CARDICON) 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। इस कार्यक्रम की शुरुआत 30 अक्टूबर को एक विशेष पोस्ट ग्रेजुएट शाम के सत्र के साथ होगी, जिसके बाद 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को मुख्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार करेंगे। 


सम्मेलन से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ और आयोजन सचिव डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय "प्रिवेंशन टू इंटरवेंशन" (रोकथाम से उपचार तक) है। यह विषय हृदय की देखभाल में विश्व में हुए नवीनतम प्रगति, जाँच की तकनीक और उपचार की रणनीतियों पर केंद्रित है। 


सम्मेलन में पूरे बिहार और देश भर से प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञों, कार्डियक सर्जनों और सामान्य चिकित्सकों सहित लगभग 500 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। औपचारिक उद्घाटन समारोह शनिवार, 31 अक्टूबर को शाम 4:00 बजे होगा, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार शामिल होंगे।


सीएसआई बिहार चैप्टर के अध्यक्ष और एम्स पटना के कार्डियोथोरेसिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार, और सचिव, पी.एम.सी.एच के डॉ. अशोक कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि कार्डिकॉन 2026 स्थानीय चिकित्सकों के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सेतु के रूप में कार्य करेगा। बिहार काउंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन, पटना ने डॉक्टरों के लिए इसके शैक्षणिक महत्व को देखते हुए इस सम्मेलन को 08 (आठ) सीएमई क्रेडिट आवर्स (CME Credit Hours) के साथ मान्यता दी है।


आयोजन अध्यक्ष, फोर्ड हास्पिटल डॉ. बी. बी. भारती ने जानकारी साझा की कि वैज्ञानिक कार्यक्रमों में नवजात शिशुओं के हृदय उपचार (नियोनेटल कार्डिएक इंटरवेंशन) पर केंद्रित प्रतिष्ठित "डॉ. ए. के. ठाकुर मेमोरियल ओरेशन" शामिल है, जिसे बेंगलुरु की बाल हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. आई. बी. विजयालक्ष्मी द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।


लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार

सीएसआई बिहार के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि कार्डिकॉन 2026 का एक मुख्य आकर्षण हृदय रोग विज्ञान के स्तंभों को सम्मानित करना होगा। चैप्टर के सबसे प्रतिष्ठित संरक्षकों, डॉ. यू. सी. सामल और डॉ. एस. एस. चटर्जी को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान प्रदान किया जाएगा। इन दिग्गजों को उनके जीवनभर के समर्पण, अग्रणी चिकित्सा उपचारों और बिहार में डॉक्टरों की पीढ़ियों को मार्गदर्शन देने में उनकी भूमिका के लिए सम्मानित किया जा रहा है।


विशेष वैज्ञानिक एजेंडा और राष्ट्रीय संकाय

वैज्ञानिक समिति के अध्यक्ष शहर के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि वैज्ञानिक कार्यक्रम को अत्याधुनिक नैदानिक परीक्षणों (क्लिनिकल ट्रायल्स) को व्यावहारिक चिकित्सा में बदलने के लिए बेहद सावधानी से तैयार किया गया है।


देश के प्रसिद्ध राष्ट्रीय विशेषज्ञ अत्यधिक जटिल हृदय रोगों से जुड़े सत्रों को सम्भोदित करेंगे:

एडवांस्ड कोरोनरी इंटरवेंशनः एम्स (AIIMS), नई दिल्ली के डॉ. राकेश यादव और लखनऊ के डॉ. ऋषि सेठी ओस्टियल लेफ्ट मेन पीसीआई (PCI) और इमेजिंग-गाइडेड बाइफरकेशन पीसीआई में रणनीतियों और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे। डॉ. दिलीप कुमार (कोलकाता) जटिल एंजियोप्लास्टी के दौरान कैल्शियम की बाधा को तोड़ने की तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। एम्स, नई दिल्ली के डॉ. एस. रामकृष्णन जन्मजात हृदय रोगों (कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज) में उपचार के सही समय के निर्धारण पर चिकित्सकों का मार्गदर्शन करेंगे। 


हार्ट फेलियर और सर्जरी का विकासः डॉ. सौमित्र रे (कोलकाता) और डॉ. विवेक कुमार (दिल्ली) कम इजेक्शन फ्रैक्शन में चिकित्सीय प्रबंधन पर विचार करेंगे। इसके अलावा, डॉ. सी. एस. हिरेमठ कार्डियक सर्जन (बेंगलुरु) भारत में हार्ट वाल्व बैंकों के विकास का विवरण देंगे, जबकि डॉ. एस. के. सिन्हा (नई दिल्ली) बीटिंग हार्ट बनाम ऑन-पंप सीएबीजी (CABG) सर्जरी के परिणामों का विश्लेषण करेंगे।


एरिथमिया और इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी: डॉ. कुमार नारायणन (हैदराबाद) अचानक कार्डियक डेथ के खतरों के वर्गीकरण को कवर करेंगे और विशेष ईसीजी (ECG) केस स्टडीज का संचालन करेंगे, जबकि डॉ. आर. डी. यादव (दिल्ली) बीवेंट्रिकुलर पेसिंग बनाम कंडक्शन सिस्टम पेसिंग की तुलना करने वाले नैदानिक साक्ष्यों का मूल्यांकन करेंगे।


प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी और लाइफस्टाइलः डॉ. मोहित गुप्ता (नई दिल्ली) और सीएमसी, वेल्लोर के पूर्व निदेशक डॉ. सुनील थॉमस चांडी चर्चा करेंगे और विश्लेषण करेंगे कि भारत में गैर-संचारी रोगों में तेज उछाल क्यों आ रहा है। सीएमसी, वेल्लोर के कार्डियोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. जैकब जोस CAD के शुरुआत में कोरोनरी कैल्सीफिकेशन की भूमिका पर चर्चा करेंगे।


हाई-रिस्क कार्डियो-ऑब्स्टेट्रिक्सः लखनऊ की डॉ. रूपाली खन्ना और नोएडा के डॉ. शुभेंदु मोहंटी गर्भवती मरीजों में हार्ट की बीमारियों में सावधानियों पर चर्चा करेंगे।


सीएसआई बिहार चैप्टर के अगले सत्र में अध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार ने जटिलताओं से बचने के लिए हृदय रोगों की जल्द पहचान और उनके समय पर प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वी. पी. सिन्हा ने युवाओं को हृदय रोगों से बचने के लिए धूम्रपान, शराब जैसी बुरी आदतों से दूर रहने की सलाह दी।


स्नातकोत्तर (PG) प्रशिक्षुओं के लिए विशेष सत्र

कार्डिकॉन 2026 के संयुक्त आयोजन सचिव डॉ. मणि शंकर पांडे और डॉ. चंद्रकेत ने बताया कि स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रों के लिए विशेष सत्र वरिष्ठ परीक्षकों और राष्ट्रीय संकायों द्वारा आयोजित किए जाएंगे।


बिहार के वरिष्ठ विशेषज्ञों, जिनमें डॉ. बी. पी. सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. प्रवीर सिन्हा, डॉ. अनुपम बम्बानी, डॉ. अभिनव भगत, डॉ. राजीव कृष्णा, डॉ. यू. एन. सिंह, डॉ. रवि विष्णु प्रसाद, डॉ. निशांत त्रिपाठी, डॉ. नीरव कुमार, डॉ. विकास कुमार सिंह, डॉ. अनूप सिंह, डॉ. आशीष कुमार झा और डॉ. शमशाद आलम शामिल हैं. पूरे राज्य में हृदय देखभाल सेवाओं को बेहतर बनाने और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अपने विशेषज्ञ व्याख्यान और केस प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करेंगे।