PATNA: राजधानी पटना में 2 मई से अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा और सख्त अभियान शुरू होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने 30 मई तक चलने वाले इस विशेष ड्राइव के जरिए शहर को जाम और अवैध कब्जों से मुक्त कराने की तैयारी कर ली है। इस अभियान को लेकर पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने साफ निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।


इस अभियान के तहत कुल नौ टीमें बनाई गई हैं, जो शहर के अलग-अलग इलाकों में रोजाना कार्रवाई करेंगी। प्रशासन ने यह भी तय किया है कि हर दिन इस अभियान की समीक्षा की जाएगी, ताकि काम में लापरवाही या ढिलाई की कोई गुंजाइश न रहे।


अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अगर कोई व्यक्ति कार्रवाई में बाधा डालता है या सरकारी टीम का विरोध करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जिन लोगों को हटाने के बाद भी वे दोबारा अतिक्रमण करते हैं, उनके खिलाफ अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी।


यह अभियान पटना नगर निगम के प्रमुख अंचलों, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी के साथ-साथ खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर क्षेत्रों में भी चलाया जाएगा। इस दौरान नगर निगम, पुलिस, ट्रैफिक, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य और अग्निशमन विभाग की टीमें मिलकर संयुक्त कार्रवाई करेंगी।


प्रशासन ने शहर के कई बड़े और व्यस्त मार्गों को प्राथमिकता सूची में रखा है। इनमें नेहरू पथ, बोरिंग रोड, कंकड़बाग मेन रोड, गांधी मैदान के आसपास का इलाका, अटल पथ और सगुना मोड़ से दानापुर स्टेशन तक का मार्ग शामिल है। इसके अलावा, टी-प्वाइंट, गोलंबर और प्रमुख चौराहों को ‘जीरो टॉलरेंस जोन’ घोषित किया गया है, जहां रोजाना निगरानी और कार्रवाई की जाएगी।


अभियान के दौरान अवैध वेंडिंग, सड़क किनारे बिना अनुमति व्यापार और गलत तरीके से पार्क किए गए वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी। अस्थायी अतिक्रमण करने वालों पर 5 हजार रुपये तक और स्थायी अतिक्रमण पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।


खास तौर पर अस्पतालों के आसपास के इलाकों में सख्ती बढ़ाई जाएगी, ताकि मरीजों और एंबुलेंस को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके साथ ही पुलिस वाहन जांच अभियान को भी तेज करेगी, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।