Bihar News : राजधानी Patna में 14 मई को बड़े स्तर पर सिविल डिफेंस ब्लैकआउट एवं हवाई हमले से जुड़ा मॉकड्रिल आयोजित किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी आपातकालीन स्थिति, विशेषकर हवाई हमले जैसी परिस्थिति में प्रशासनिक तंत्र, राहत एवं बचाव एजेंसियों की तैयारियों और कार्यक्षमता की जांच करना है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल पूर्व निर्धारित अभ्यास है और आम लोगों को किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार यह मॉकड्रिल नागरिक सुरक्षा निदेशालय के तय मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि किसी संभावित हवाई हमले या बड़े आपदा संकट की स्थिति में प्रशासन कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से राहत एवं बचाव कार्य कर सकता है।
अपर जिला दंडाधिकारी (आपदा प्रबंधन) देवेंद्र प्रताप शाही ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से ब्लैकआउट और मॉकड्रिल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पटना नगर निगम क्षेत्र के अलावा नगर परिषद दानापुर निजामत, खगौल और फुलवारीशरीफ में भी यह अभ्यास कराया जाएगा। इस दौरान नागरिक सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासन द्वारा जिले में चार प्रमुख सिमुलेशन स्थल चिन्हित किए गए हैं, जहां हवाई हमले की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास होगा। इनमें पटना समाहरणालय, बिस्कोमान भवन, बांकीपुर बस स्टैंड और आईजीआईएमएस शामिल हैं। इसके अलावा कई सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और सार्वजनिक परिसरों को भी अभ्यास के लिए चयनित किया गया है।
जानकारी के अनुसार 13 मई को पटना समाहरणालय में हवाई हमला परिदृश्य पर आधारित टेबल-टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इसमें अधिकारियों को आपदा की स्थिति में निर्णय लेने, संसाधनों के उपयोग और समन्वय की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद 14 मई को मुख्य मॉकड्रिल आयोजित होगा।
प्रशासन ने बताया कि निर्धारित समय पर दो मिनट तक नागरिक सुरक्षा सायरन बजाया जाएगा, जो हवाई हमले की चेतावनी का संकेत होगा। सायरन बजते ही ब्लैकआउट लागू कर दिया जाएगा। इस दौरान लोगों को सतर्क रहना होगा और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा।
मॉकड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा, एनसीसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, नगर निकाय, विधि-व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों की तत्परता और समन्वय क्षमता की जांच की जाएगी। प्रशासन यह भी देखेगा कि आपदा की स्थिति में राहत कार्य कितनी तेजी से शुरू किए जा सकते हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभ्यास का आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अस्पताल, एम्बुलेंस, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी। पूरे मॉकड्रिल के दौरान कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा और हर गतिविधि की निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह केवल सुरक्षा तैयारियों का अभ्यास है। लोग किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें।