PATNA: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को एक बार फिर छात्रों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। पांच सूत्री मांगों को लेकर छात्र संगठनों और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने डाकबंगला से इनकम टैक्स गोलंबर तक प्रदर्शन किया। छात्र युवा संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास घेराव मार्च निकाला गया, जबकि एनएसयूआई ने इनकम टैक्स गोलंबर पर प्रदर्शन किया। छात्रों को आगे बढने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारी छात्रों को घसीटकर वहां से हटाया। इस दौरान छात्रों ने कहा कि हम आपको आतंकवादी नजर आ रहे हैं, कि इस तरह बीच सड़क पर हमें घसीटा जा रहा है।
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने डाकबंगला चौराहे के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई छात्रों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाना चाहती है। उनका कहना था कि वे शांतिपूर्ण ढंग से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन रोका। कुछ छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें हाथ-पैर पकड़कर घसीटते हुए हटाया। सोशल मीडिया पर भी कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिस द्वारा छात्रों और छात्राओं को हटाते हुए देखा जा सकता है।
इधर, इनकम टैक्स गोलंबर पर एनएसयूआई के प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम भी शामिल हुए। सैकड़ों छात्रों ने वहां प्रदर्शन किया। पुलिस ने राजेश राम और एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। राजेश राम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की।
राजेश राम ने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति, दोषियों पर कार्रवाई और शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के दबाव में हुआ। इसलिए छात्रों के आंदोलन को नहीं रोका जा सकता।
प्रदर्शनकारियों ने सिवान फायरिंग मामले को लेकर भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का कहना था कि सरकार को आंदोलनकारियों के साथ संवाद करना चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए।
वहीं, प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से बैरिकेडिंग के पीछे रहने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील करता रहा। पुलिस अधिकारियों ने माइक के जरिए कहा कि किसी भी हालत में बैरिकेडिंग नहीं तोड़ी जाए। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने की कार्रवाई की।
स्थिति को देखते हुए पटना के इनकम टैक्स गोलंबर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सीनियर एसएसपी, एसपी, कई डीएसपी और विभिन्न थानों के प्रभारी मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वाटर कैनेन का इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए, जबकि प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई को दमनात्मक बता रहे हैं।